विसुन्धरी को मिला स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार*
राम अनुज धर द्विवेदी
घोरावल, सोनभद्र
कलेक्ट्रेट सभागार में वृहस्पतिवार को आयोजित स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार वितरण समारोह में विद्यालयों को कैटेगरी वाइज पुरस्कार बांटे गये।
भारत सरकार का स्वच्छता मंत्रालय प्रतिवर्ष स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार हेतु आनलाईन आवेदन करवाता है।पिछले वर्ष जनपद सोनभद्र के सभी प्राइवेट ,सरकारी और परिषदीय विद्यालयों ने स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार हेतु आवेदन किया था।जिसका भारत सरकार ने थर्ड पार्टी सर्वे के बाद परिणाम जारी किये।यद्यपि सुविधाओं के मामले में परिषदीय विद्यालय इन्डस्ट्री के विद्यालय से मुकाबला अपने आप में अनूठा है।फिर भी परिषदीय विद्यालयों ने हर मानकों को पूर्ण करते हुए विभिन्न पैरामीटर में अच्छा प्रदर्शन करते हुए ओवर आल कटेगरी फाइव स्टार रेटिंग में अपनी जगह बनायी।आपको बतातें चलें कि जनपद स्तर पर ओवर आल कैटेगरी फाइव स्टार रेटिंग में कुल आठ विद्यालयों का चयन हुआ है ,जिसमें तीन विद्यालय परिषदीय विद्यालय है।
कम्पोजिट विद्यालय विसुन्धरी ने नब्बे प्रतिशत से ज्यादा अंक लेकर जनपद में अपनी जगह बनायी है।जिसके लिये कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने सम्मानित किया।
कम्पोजिट विद्यालय विसुन्धरी के स.अ. दीनबन्धु त्रिपाठी ने बताया कि केवल विकलांग शौचालय के मानक को उनका विद्यालय पूर्ण नहीं करता ,जिसके कारण वो प्रदेश और देश में जगह नहीं बना पाये।
*उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्न होकर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मैं इस विद्यालय को माडल विद्यालय बनाऊंगा*
दीनबंधु त्रिपाठी ने बताया कि पुरस्कृत होना और सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना गौरव की बात है लेकिन इससे जिम्मेदारी बढ जाती है ,और आगे उस स्थान पर विराजमान रहने के लिए और अधिक परिश्रम की आवश्यकता होती है।