वाराणसी। VDA की बैठक में प्रमुख सचिव आवास ने दिए निर्देश, फरवरी से शुरू होगा बनारस में रोपवे का निर्माण
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने वाराणसी में रोपवे परियोजना को फरवरी से शुरू कराने का निर्देश दिया है। शनिवार को वीडीए सभागार में हुई बैठक में उन्होंने रोपवे, महायोजना 2031, सिटी डेवलपमेंट प्लान, सिटी लॉजिस्टिक प्लान, यूपीटीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट पालिसी) और प्रवर्तन कार्य की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने वित्तीय अड़चनों को दूर कराने का आश्वासन दिया। प्रमुख सचिव ने रोपवे योजना पर कहा कि परियोजना के संबंधित सभी टेंडर फाइनल कराएं। स्वीकृति के बाद कार्य प्रारंभ करें। इस कार्य को माह जनवरी तक पूरा कराएं। कार्यदायी संस्था एनएचएलएमएल की ओर से उपलब्ध कराए प्लान के अनुसार समस्त अनुभाग आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य कराएं।
काम कराने के लिए विभाग से नोडल अधिकारी नामित कराएं। प्राधिकरण स्तर से वीडीए सचिव को नामित करने को कहा। कार्यदायी संस्था एनएचएलएमएल से कहा कि डीपीआर प्राथमिकता पर उपलब्ध कराएं। यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए संबंधित विभाग आपस में समन्वय करें। उन्होंने कहा, सिटी डेवलपमेंट प्लान के लिए अवस्थापना के दृष्टिकोण से शहर में पूर्व में किए गए कार्यों का विश्लेषण करें। उनको महायोजना में भी शामिल कर लिया जाए।
टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों के चिन्हित करेंप्रमुख सचिव राज्यकर नितिन रमेश गोकर्ण ने वीडीए सभागार में वाराणसी मंडल, आजमगढ़ मंडल और मिर्जापुर मंडल से संबंधित जिलों के राज्य स्टेट के अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की। इस दौरान राजस्व लक्ष्य के बारे में जानकारी हासिल की और लक्ष्य को पूरा करने को कहा।
साथ ही टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने पंजीयन पर अधिक से अधिक जोर दिया। साथ ही कहा कि ऐसे ट्रांसपोर्टरों को भी चिह्नित कर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें जो सामान की कीमत कम दिखाकर बिल रहे रहे हैं।
जनसुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार कराएं महायोजनाप्रमुख सचिव ने कहा, वाराणसी महायोजना-2031 को अंतिम रूप देने से पूर्व विस्तृत रूप से चर्चा करें। इसके बाद आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए महायोजना तैयार कराएं। इसमें समस्त भू-उपयोग एवं सड़कों की चौड़ीकरण व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए ही प्रस्तावित किए जाएं। जिससे जनता को सुविधा मिल सके। शहर की आवश्यकता के अनुसार बस टर्मिनल, ट्रक टर्मिनल, एसटीपी एवं शहर की अन्य भौतिक अवस्थापना सुविधाओं का प्रस्ताव दिया जाए।