*कर्म ही मनुष्य को बनाता है महान: प्राचार्य डीएवी*
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
आज मंगलवार को डीएवी पब्लिक स्कूल, रॉबर्ट्सगंज में प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले जी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों के
एवं बच्चों ने पुष्पार्चन किया। इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षक रविन्द्र भारती जी ने बच्चों को सावित्री बाई के जीवन एवं कृतित्व के विषय में बताया और कहा कि शिक्षा के अभाव में जीवन अंधकारमय हो जाता है। उक्त अवसर पर बच्चों सम्बोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंकुर भाटिया ने कहा कि मनुष्य जन्म से महान नहीं होता बल्कि उसके द्वारा किया गया कर्म उसे महान बनाता है।उन्होंने कहा कि सावित्री बाई जी ने जिन चुनौतियों के बीच बालिका शिक्षा एवं महिलाओं के कल्याणार्थ कार्य किया वह स्वयं में अतुलनीय था। आज उन्हीं के दिखाए गए मार्ग पर चलकर बेटियाँ समाज एवं देश स्तर पर पहचान कायम कर रही हैं एवं देश के विकास में योगदान दे रही हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें भी उनके कृतियों से सीख लेकर स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन का भी उत्थान करना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।*कर्म ही मनुष्य को बनाता है महान: प्राचार्य डीएवी*
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
आज मंगलवार को डीएवी पब्लिक स्कूल, रॉबर्ट्सगंज में प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले जी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों के
एवं बच्चों ने पुष्पार्चन किया। इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षक रविन्द्र भारती जी ने बच्चों को सावित्री बाई के जीवन एवं कृतित्व के विषय में बताया और कहा कि शिक्षा के अभाव में जीवन अंधकारमय हो जाता है। उक्त अवसर पर बच्चों सम्बोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंकुर भाटिया ने कहा कि मनुष्य जन्म से महान नहीं होता बल्कि उसके द्वारा किया गया कर्म उसे महान बनाता है।उन्होंने कहा कि सावित्री बाई जी ने जिन चुनौतियों के बीच बालिका शिक्षा एवं महिलाओं के कल्याणार्थ कार्य किया वह स्वयं में अतुलनीय था। आज उन्हीं के दिखाए गए मार्ग पर चलकर बेटियाँ समाज एवं देश स्तर पर पहचान कायम कर रही हैं एवं देश के विकास में योगदान दे रही हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें भी उनके कृतियों से सीख लेकर स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन का भी उत्थान करना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।