मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए खुला पुनर्वास केन्द्र
स्वर्ण मंजरी इनर व्हील क्लब के सौजन्य से स्वावलंबन दिव्यांग अभिभावक संघ द्वारा मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को स्वाबलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु एक औद्योगिक इकाई की स्थापना करौदी आदित्य नगर सुंदरपुर में की गई, इन मानसिक दिव्यांग बच्चों को दलिया निर्माण का प्रशिक्षण एवं रोजगार प्रदान किया जाएगा, राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ उत्तम ओझा की उपस्थिति में संपन्न हुए कार्यक्रम में क्लब की पूर्व गवर्नर ममता द्विवेदी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से मानसिक दिव्यांग बच्चों को रोजगार प्रशिक्षण का कार्यक्रम देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और समाज में यह संदेश दिया जाएगा कि यह बच्चे परिवार पर बोझ नहीं हैं अगर इनको प्रशिक्षित किया जाए जाए और उन्हें सही दिशा दी जाए तो यह भी कुछ कर सकते हैं दिव्यांगबंधु डाक्टर उत्तम ओझा ने कहा कि यह इकाई दिव्यांगता के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा ऐसे मानसिक दिव्यांग बच्चे को माता-पिता घर परिवार के लोग बोझ समझते हैं तथा उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करते हैं यह भी आत्मनिर्भर और स्वावलंबी होकर भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकेंगे, स्वर्ण
मंजरी इनरव्हील की अध्यक्ष सुषमा शर्मा जी ने कहा कि इस प्रकार का प्रोजेक्ट करके मुझे अत्यंत ख़ुशी है भविष्य में भी इस तरह के जितने कार्य होंगे हम करते रहेंगे, श्रीमती सरिता सराफ द्वारा प्रदत दलिया निर्माण मशीन, वेट मशीन, एवं पैकिंग मशीन इन मानसिक दिव्यांग बच्चों को प्रदान की गई, अतिथियों का स्वागत स्वावलंबन दिव्यांग अभिभावक संघ की राधा सिंह जी ने किया, इस अवसर पर
रेखा मेहरा संध्या पांडे मधु पांडे किरण सिंह आदि उपस्थित थे धन्यवाद फातिमा ने किया