मधुमेह एवं हृदय रोग जटिलता एवं तकनीकी विषयक 12 राष्ट्रीय सेमिनार “कार्डियाबकान-2023” में देश के 250 चिकित्सकों ने भाग लिया
समाज में मधुमेह रोग की जागरूकता बढ़ाने की जरूरत- डॉ आशुतोष मिश्रा
वाराणसी आज मां गंगा के पावन तट पर बसे टेंट सिटी में कार्डियाबकान सोसायटी एवं पैनेसिया हॉस्पिटल एवं पैनेसिया अंतरविभागीय शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय मधुमेह एवं हृदय रोग के जटिलता व तकनीकी सामंजस्य विषयक 12 वा राष्ट्रीय सेमिनार “कार्डियाबकान -2023” का भव्य शुभारंभ हुआ। इसमें देश-विदेश के प्रख्यात लगभग 250 चिकित्सकों ने भाग लिया वह अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्रीमती सीमा द्विवेदी व विशिष्ट अतिथि समाजसेवी श्रीमती मीना चौबे,सदस्य राज्यसभा महिला आयोग रही। सेमिनार की अध्यक्षता कार्डियाबकान के चेयरमैन व देश को सुप्रसिद्ध हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ पल्लवी मिश्रा ने किया। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन सचिव व प्रख्यात मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशुतोष मिश्रा ने अंगवस्त्रम स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र व बुके देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मधुमेह एवं ह्रदय रोग पर देश के लगभग 50 से अधिक चिकित्सकों ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। जिसमें मुख्य रुप से डॉक्टर दीपक जुमानी, डॉक्टर आशीष पारिख , डॉक्टर निशा निगल हारून, डॉ० अजय कुमार तिवारी डॉ० एन.के सिंह , डॉ० हेमंत गोपाल, डॉ० बी.के. जगनानी, डॉ० विनितोष मिश्रा, डॉ० स्मिता भट्ट ,डॉ० संदीप राय प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में नारी शक्ति को सशक्तिकरण करने हेतु अपने अपने क्षेत्र मे अनुकरणीय योगदान देने वाली 10 महिलाओं को “नारी तू नारायणी” सम्मान से सम्मानित किया गया।जिसमें मोहनी झंवर, डॉक्टर मधुमिता भट्टाचार्य, श्रीमती ममता द्विवेदी, सोनी चौरसिया, नीलू मिश्रा, डॉक्टर करुणा शुक्ला , प्रो.मंगला कपूर, डॉ. श्वेता चौरसिया, ममता बनवाल, डॉ. पूजा पांडे,श्रीमती अनिता सिंह रही।
अपने संबोधन में देश के प्रख्यात मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ आशुतोष मिश्रा ने कहा कि बीमारी को केवल रक्त में चीनी बढ़ने वाली बीमारी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, आप जो उन्नत श्रेणी के शोध हुए हैं उनके प्रति जनता को जागरूक करना भी हमारी जिम्मेदारी है। इस अवसर प्रख्यात हृदरोग विशेषज्ञ डॉ पल्लवी मिश्रा ने कहा कि महिलाओं में हृदयरोग की जागरूकता बहुत कम है,आज छोटी से छोटी बीमारी को भी नजरअंदाज करना इसे बढ़ावा देता हैं।कार्यक्रम का संचालन डॉ उत्तम ओझा तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ पल्लवी मिश्रा ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से डॉ.के. के. त्रिपाठी, डॉ. पी. के. सिन्हा डॉ. आनंद कुमार मौर्य, राकेश चौहान, सारण्या ओझा, प्रणव मिश्रा, शुभम पांडये, शालिनी पाठक, मौजूद रही।
(आनंद कुमार मौर्य)
पी. आर. वो.