कस्तूरबा गाॅधी बालिका विद्यालय राबर्ट्सगंज का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण।
छात्राओं के लिए बनाये जा रहे भोजन की गुणवत्ता का लिया जायजा ।
खाद्य समाग्री की स्थिति ठीक न पाये जाने पर सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के विरूद्ध कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी ने दिये निर्देश ।
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने आज कस्तूरबा गाॅधी बालिका विद्यालय राबर्ट्सगंज का औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में छात्राओं के पठन-पाठन कार्य का जायजा लिया, इस दौरान उन्होंने सम्बन्धित शिक्षक से छात्राओं को दी जा रही शिक्षा के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की और शिक्षकगण को निर्देशित करते हुए कहा कि छात्राओं को बेहतर व गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दी जाये। इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं के लिए बनाये जा रहे भोजन के सम्बन्ध में किचन रूम में स्वयं जाकर भोजन की गुणवत्ता को देखा, तो यह तथ्य सामने आया कि किचन में बनाये जा रहे भोजन और सामग्री की गुणवत्ता ठीक नहीं है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि छात्राओं को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाये और इस कार्य हेतु नामित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाली कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्यवाही की जाये। जिलाधिकारी ने छात्राओं के भोजनालय कक्ष का निरीक्षण किया तो, यह तथ्य सामने आया कि खाना खाने के लिए लगाये गये मेज और कूर्सियांें की गुणवत्ता ठीक नहीं है, जिस पर जिलाधिकारी ने छात्राओं के खाने हेतु मेज व कुर्सियों की व्यवस्था सुचारू ढंग से करने से हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किये और कुर्सी-मेज की आपूर्ति करने वाली फर्म के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था, विद्यालय भवन की स्थिति को देखा और परिसर में बेहतर तरीके से साफ-सफाई व्यवस्था बनाये रखने व भवन को मरम्मत कराने के साथ रंगाई-पोताई बेहतर तरीके से करने के लिए सम्बन्धित को निर्देशित किये। इस मौके पर विद्यालय के कार्मिकों द्वारा परिसर में खेल-कूद व्यवस्था न होने की स्थिति से अवगत कराया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने बास्केट बाल व बैडमिन्टन खेल की व्यवस्था व खेल सामग्री की उपलब्धता के लिए सम्बन्धित को निर्देशित करते हुए छात्राओं को जल्द से जल्द खेल-कूद सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दियें, जिससे छात्राओं का खेल के माध्यम से मानसिक व शारीरिक का विकास हो सके और पढ़ाई-लिखायी के प्रति रूचि बढ़ती रहे।