एक भारत श्रेष्ठ भारत और अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत काशी हिंदू विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन की 54वीं कड़ी आयोजित ।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में “आत्मनिर्भर भारत: जागे युवा -जागे भारत” कार्यक्रम श्रृंखला में एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान तथा अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत 54 वे ऑनलाइन राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन में युवा कलाकारों ने शास्त्रीय गायन और वादन की प्रस्तुति की।
राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज के माननीय कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार सिंह ने किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में शांतिनिकेतन हिंदी भवन के प्रोफेसर सुभाष चंद्र राय ने एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन की अध्यक्षता काशी हिंदू विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना मंच कला संकाय विभाग के संकाय प्रमुख प्रोफेसर के शशिकुमार ने की ।
भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अशोकश्रोती ने आयोजन के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन का शुभारंभ कोलकाता के युवा कलाकार श्री सुभद्र कल्याण के तबला वादन से हुआ।
राष्ट्रीय युवा संगीत की दूसरी प्रस्तुति के रूप में नई दिल्ली के युवा कलाकार श्री राजेंद्र कुमार शर्मा ने राग मारू बिहाग में अपने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति की। उन्होंने पहाड़ी राग में ठुमरी की भी प्रस्तुति की।
राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन का समापन पटना के युवा कलाकार देवव्रत मंडल के वायलिन वादन से हुआ।
राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन में अरुणोदय विश्वविद्यालय अरुणाचल प्रदेश के कुलपति प्रोफेसर बी एन शर्मा, राष्ट्रीय संगीता के परिवार के महानिदेशक पंडित देवेंद्र वर्मा, प्रोफेसर लावण्य कीर्ति सिंह काव्या, श्री त्रिपुरारी कांत शर्मा , उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य संपर्क अधिकारी एवं विशेष कार्याधिकारी डॉ अंशुमाली शर्मा, डॉ ध्रुव कुमार ,डॉ सच्चिदानंद त्रिपाठी, डॉ रीता सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम कार्यक्रम का संचालन और स्वागत डॉ बाला लखेन्द्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अरुणोदय विश्वविद्यालय अरुणाचल प्रदेश के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर पंकज बोरा ने
किया ।
बाला लखेन्द्र
कार्यक्रम समन्वयक