ताला खुलवाने की प्रेरणा देने वाले
सोनभद्र । 19 जून 1990 को गोलोकवासी हो चुके पूज्य देवरहा
बाबा के सम्बंध में एक रोचक संस्मरण डॉक्टर चन्द्र प्रकाश सिंह
का आप सभी को जानना
चाहिए ।
देवरहा बाबा सदैव लकड़ी के ऊँचे मचान पर रहते थे । वे किसी
कार्यक्रम में कहीं जाते नहीं थे , लेकिन विश्व हिंदू परिषद द्वारा सन
1989 के प्रयागराज कुम्भ में आयोजित धर्म संसद में उपस्थित
रह कर उन्होंने आशीर्वाद दिया और इसी धर्मसंसद में उनकी उपस्थिति में ही प्रत्येक मंदिर और
प्रत्येक ग्राम में श्री राममंदिर निर्माण हेतु शिलापूजन के कार्यक्रम की घोषणा हुई । 6 नवम्बर 1989 को तत्कालीन
प्रधानमंत्री राजीव गाँधी बाबा से
मिलने गोरखपुर गए । उस समय
श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास की घोषणा हो चुकी
थी । कहा जाता है कि बाबा ने
राजीव गाँधी से कहा , ” बच्चा ! हो जाने दो ।” यह बताया जाता है
की श्रीरामजन्मभूमि स्थान पर लगे ताले को खोलने का आदेश
देने वाले न्यायाधीश जब निर्णय
सुरक्षित कर अपने आवास पर गए और चाय पीने के लिए कप
उठा रहे थे तब उन्हें यह शब्द
सुनाई दिया , ” बच्चा ! हिम्मत करो , अब नहीं करोगे तो कब
करोगे ?” बताया जाता है ऐसी
आवाज़ उन्हें तीन बार सुनाई दी ।
ताला खुलने के बाद जब उनकी
देवरहा बाबा से पहली बार भेंट हुई तब उन्होंने देखते ही प्रश्न किया , ” बच्चा ! हिम्मत क्यों नहीं कर रहा था ? ” उन्हें तुरंत
ध्यान आया यही ध्वनि उन्हें ताला
खोलने वाले दिन सुनाई पड़ी थी ।
श्रीरामजन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर
के सम्बंध में पूज्य देवरहा बाबा
ने जो भविष्यवाणियां की वे
अक्षरशः सिद्ध हुई ।
—- प्रस्तुतकर्ता
भोलानाथ मिश्र