30 की उम्र में डायबिटीज 14 साल कम कर सकती है जिंदगी, 19 देशों के आंकड़ों के आधार पर निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने चेताया है कि 30 की उम्र में होने वाली टाइप 2 डायबिटीज रोगियों की जीवन प्रत्याशा 14 साल तक कम कर सकती है। 19 उच्च आय वाले देशों से प्राप्त आंकड़ों से यह भी पता चला है कि जिन लोगों को 40 की उम्र में डायबिटीज होती है उनकी जीवन प्रत्याशा में 10 साल तक और 50 की उम्र में यह बीमारी होने पर जीवन प्रत्याशा में छह साल तक की कमी देखी गई है।
*महिलाओं के लिए ज्यादा घातक*
महिलाओं के लिए यह कहीं ज्यादा घातक है। आंकड़ों के मुताबिक, जिन महिलाओं को इस बीमारी का पता 30 की उम्र में चल गया था उनकी मृत्यु औसतन 16 वर्ष पहले हो गई। इसी तरह 40 की उम्र में इस बीमारी के सामने आने वाली महिलाओं में मृत्यु का जोखिम 11 वर्ष और 50 की उम्र की महिलाओं में दूसरी महिलाओं की तुलना में जीवन प्रत्याशा सात वर्ष कम दर्ज की गई थी। इसके विपरीत पुरुषों में यह आंकड़ा क्रमशः 14, 10 और छह वर्ष दर्ज किया गया था।
*खराब जीवन शैली के साथ जीन भी जिम्मेदार*
अध्ययन में इस बात की पुष्टि होती है कि इस बीमारी के लिए कहीं न कहीं खराब जीवनशैली और जीन जिम्मेदार है। मोटापे की समस्या,आहार में पोषण की कमी और सुस्त जीवनशैली दुनियाभर में इसके तेजी से बढ़ते मामलों की वजह बन रही है। 2021 में वैश्विक स्तर पर करीब 53.7 करोड़ लोग मधुमेह से पीड़ित थे। अब यह केवल बड़े आयु के लोगों को होने वाला रोग नहीं रह गया, कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
*15 लाख लोग शामिल*
अध्ययन के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज से दिल का दौरा, स्ट्रोक, किडनी संबंधी समस्याओं और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस अध्ययन में कैम्ब्रिज और ग्लासगो विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं ने दो प्रमुख वैश्विक अध्ययनों, इमर्जिंग रिस्क फैक्टर्स कोलैबोरेशन और यूके बायोबैंक के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसमें कुल 15 लाख लोग शामिल थे। शोध के परिणाम दर्शाते हैं कि जितनी कम उम्र में डायबिटीज होती है जीवन प्रत्याशा उतनी ही अधिक कम रह जाती है। सामान्य तौर पर हर 10 साल पहले डायबिटीज का होना जीवन प्रत्याशा में करीब चार वर्षों की कमी से जुड़ा था।