M.D Rafik khan
ऊंचाहार (रायबरेली)। महज 500 रुपये की खातिर एक बेटे ने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। लकड़ी के चैले से सिर व चेहरे पर एक के बाद एक चार वार किए। यही नहीं हत्या करने के बाद शव को आलू के खेत में फेंक दिया। इसके बाद वह फरार हो गया। घटना की जानकारी होने पर पुलिस अफसरों व फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर पड़ताल की। मृतक की भाभी की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के धनही मजरे मवई गांव निवासी त्रिलोकी यादव (50) पुत्र दुबरी ट्रैक्टर चालक था। उसका घर गांव में सड़क किनारे है। उसकी पत्नी कुछ दिन पहले ही घर छोड़कर चली गई थी। वह अपने इकलौते बेटे संजय कुमार के साथ रहता था। उसका बेटा भट्ठे पर मजदूरी करता है। सोमवार की रात बेटे संजय कुमार ने पिता त्रिलोकी से किसी काम के लिए 500 रुपये मांगे। पिता ने पैसे देने से मना कर दिया। इस पर पिता-पुत्र में विवाद शुरू हो गया।
इस दौरान बेटे ने लकड़ी के चैले से पिता के सिर व चेहरे पर कई वार कर दिए। इससे सिर व चेहरे पर गंभीर चोटें आई और उसकी मौत हो गई। रात में किसी को घटना की भनक नहीं लगी। मंगलवार की सुबह घर के सामने आलू के खेत में उसका शव मिला। वारदात की सूचना पर एएसपी नवीन कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी आदर्श कुमार सिंह ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
एएसपी ने बताया कि मृतक ट्रैक्टर चालक की भाभी नीलम देवी पत्नी बुधराम की तहरीर पर आरोपी संजय कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। आरोपी को पकड़ लिया गया है। पूछताछ में उसने पिता की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया है।
मोबाइल ने खोल दिया घटना का राज
बेटे से विवाद के दौरान मृतक चालक ने एक भट्ठा मालिक को फोन कर दिया था। भट्ठा मालिक के मोबाइल में चालू काॅल रिकार्डिंग में विवाद की बातें रिकार्ड हो गईं। बताते हैं जिस भट्ठे पर बेटा मजदूरी करता था, उसी भट्टा मालिक को पिता ने फोन किया और बताया कि 500 रुपये न देने पर बेटे ने उसके साथ मारपीट कर रहा है। घटना के बाद पुलिस ने जब मृतक का मोबाइल खंगाला तो रिकार्ड हुई बात पुलिस ने सुनी।
ऐसे में घटना का राज खुल गया। सूत्रों की मानें तो आरोपी भट्ठे से ट्रैक्टर ट्राॅली पर ईंट लादकर पड़ोसी जिले प्रतापगढ़ के मानिकपुर चला गया था, जहां से उसे पकड़ा गया है। पुलिस का मानना है कि यदि मोबाइल में पूरे घटनाक्रम की बात रिकार्ड न हुई होती तो घटना का खुलासा जल्द न हो पाता। खुलासे के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ती।
Edited By Rafik khan
04/01/2024. 08:09 PM (IST)