Friday, August 29, 2025

बनारस शहर इतिहास से भी पुरातन है, परंपराओं से पुराना है, किवदंतियों (Legends) से भी

MD Rafik khan

वाराणसी भारत के राज्य उत्तर प्रदेश का एक प्रसिद्ध नगर और जिला है  इसे बनारस और काशी भी कहते हैं. इसे हिन्दू धर्म में एक पवित्र नगर माना गया है. यह बौद्ध और जैन धर्म के लिए भी एक महत्वपूर्ण शहर है. यह संसार के प्राचीन बसे शहरों में से एक है.

वाराणसी एक महत्वपूर्ण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है, जहां से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 आम चुनावों से लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद हैं. उनसे पहले 2009 में हुए चुनाव में डॉ मुरली मनोहर जोशी यहां से सांसद थे. वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं.

2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक वाराणसी की जनसंख्या लगभग 37 लाख है. इस जिले में प्रति वर्ग किलोमीटर 2,395 लोग रहते हैं और यहां का लिंग अनुपात 913 है. वाराणसी की 75.60 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 83.78 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 66.69 फीसदी है (Varanasi literacy).

वाराणसी की संस्कृति का गंगा नदी और इसके धार्मिक महत्त्व से गहरा संबंध है. ये शहर हजारों सालों से भारत का सांस्कृतिक और धार्मिक केन्द्र रहा है. शास्त्रीय संगीत का बनारस घराना वाराणसी में ही विकसित हुआ है. भारत के कई दार्शनिक, कवि, लेखक, संगीतज्ञ वाराणसी में रहे हैं,जिनमें कबीर वल्लभाचार्य, रविदास स्वामी रामानंद, त्रैलंग स्वामी, शिवानन्द गोस्वामी, मुंशी प्रेमचंद। जयशंकर प्रसाद आचार्य रामचंद्र शुक्ल, पंडित रवि शंकर गिरिजा देवी पंडित हरि प्रसाद चौरसिया और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान प्रमुख हैं. गोस्वामी तुलसीदास ने हिन्दू धर्म का पूज्य ग्रंथ रामचरितमानस यहीं पर लिखा था और गौतम बुद्ध ने अपना पहला प्रवचन यहां से करीब, सारनाथ में दिया था.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, काशी नगर की स्थापना भगवान शिव ने लगभग 5,000 वर्ष पूर्व की थी. ये पवित्र सप्तपुरियों में से एक है. स्कन्द पुराण, रामायण, महाभारत और प्राचीनतम वेद ऋग्वेद सहित कई हिन्दू ग्रन्थों में इस शहर की चर्चा है.

वाराणसी में चार बड़े विश्वविद्यालय स्थित हैं, जिनमें बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइयर टिबेटियन स्टडीज़ और संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय उल्लेखनीय हैं. यहां के निवासियों की मुख्य बोली भोजपुरी है. वाराणसी को मंदिरों का शहर (City of Temples), भारत की धार्मिक राजधानी (Religious capital of India), भगवान शिव की नगरी, दीपों का शहर, ज्ञान नगरी जैसे विशेष नामों से भी संबोधित किया जाता है.

प्रसिद्ध अमरीकी लेखक मार्क ट्वेन (Mark Twain) ने बनारस के बारे में लिखा है, ‘यह शहर इतिहास से भी पुरातन है, परंपराओं से पुराना है, किवदंतियों (Legends) से भी प्राचीन है और जब इन सबको एकत्र कर दें, तो उस संग्रह से भी दोगुना प्राचीन है.’

Edited By Rafik Khan 

 

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