चिरईगांव/वाराणसी । भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शुमार जन औषधि परियोजना चिरईगांव में परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही है। यहां पर खोले गये जन औषधि केंद्र पर ग्राहकों का टोटा बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की ओर से कमजोर आय व गरीब मरीजों को सस्ती दर पर दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी चिकित्सालयों पर जन औषधि केन्द्र की स्थापना करायी गयी है। इन केंद्रों पर पर दुकानदार वही दवाइयां रखता है, जिसकी मरीजों को
आवश्यकता होती है। इसी क्रम में पीएचसी चिरईगांव परिसर में लगभग दो वर्ष पूर्व जन औषधि केन्द्र खोला गया, लेकिन पीएचसी पर आने वाले मरीजों का चेकअप करने के बाद चिकित्सक आवश्यकतानुसार सरकारी स्टोर में उपलब्ध दवाइयां मरीजों को देने लगे
तो दुकानदार ने दुकान बन्द कर दिया। अब दूसरा दुकानदार तारीक अनवर जन औषधि केन्द्र चला रहा है। बुधवार को जब केंद्र संचालक से बात की गयी तो उसका कहना था कि केंद्र पर जरूरी दवाइयां उपलब्ध है। पीएचसी से जो दवाइयां लिखी जाती है उसे दिया जा रहा है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। अभी भी जन औषधि केंद्र को बाहरी मरीजों के सहारे की आवश्यकता है, जिसका अभी इन्तजार करना पड़ रहा है। पीएचसी प्रभारी डा. अमित सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते मरीजों की संख्या इन दिनों 150 प्रतिदिन से अधिक हो गयी है। ऐसे मौसम में आने वाले मरीजों से सम्बन्धित सभी दवाइयां सरकारी स्टोर में उपलब्ध है और दवाइयां यहीं से वितरित की जाती है। उनका कहना था कि जब दवाइयां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टोर में उपलब्ध हैं तो बाहर से दवा लिखने का कोई मतलब नहीं है।