*वाराणसी -* जनपद के किसानों को कृषि निवेशों के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना योजना के तहत कृषि विभाग द्वारा जनपद में 20 एंग्री जंक्शन केंद्र खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।ऐसे में अब जहां एक ओर किसानों को एक छत के नीचे कृषि निवेशों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी तो वहीं दूसरी ओर बेरोजगार कृषि स्नातकों को स्वरोजगार मिल सकेगा।
मंगलवार को जनपद के उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि
वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्री जंक्शन) योजना के जनपद वाराणसी हेतु 20 ‘‘वन स्टॉप शॉप‘‘ (एग्री जंक्शन केन्द्र) की स्थापना का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है। अब किसानों को एंग्री जंक्शन केंद्रों से कृषि निवेशों की उपलब्धता के साथ ही केन्द्रों द्वारा कृषि उपकरणों की मरम्मत तथा अनुरक्षण, पशु आहार, कृषि उत्पादों एवं प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों की बिक्री, मौसम व अन्य सम्बन्धित सूचनायें उपलब्ध कराने जैसे कार्य भी किये जायेंगें।
एग्रीजंक्शन केन्द्र के स्थापना हेतु जनपद में निवास करने वाले कृषि स्नातक/ कृषि व्यवसाय प्रबन्धन स्नातक/ स्नातक जो कृषि एवं सहबद्ध विषयों यथा- उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशुचिकित्सा, मुर्गी पालन एवं इसी तरह की गतिविधियां जो किसी राज्य/केन्द्रीय विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यालयों से डिग्रीधारी है, जो आईसीएआर/यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त हो, पात्र होंगें। इसके अतिरिक्त अनुभव प्राप्त डिप्लोमाधारी/कृषि विषय में इन्टरमीडिएट योग्य अभ्यर्थी पर विचार किया जायेगा।
*13 दिन का दिया जायेगा प्रशिक्षण -*
चयनोपरान्त लाभार्थियों को ग्रामीण व्यवसाय विकास योजना (आरआईडीपी) का 13 दिवसीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जायेगा।उपरोक्तानुसार योग्यता रखने वालें अभ्यर्थी उप कृषि निदेशक, वाराणसी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है। अभ्यर्थी अपना आवेदन समस्त प्रपत्रों सहित दिनांक 15 जुलाई 2024 को अपरान्ह 5 बजे तक कृषि भवन कलेक्ट्री फार्म चॉदपुर वाराणसी में जमा सकते है।
*तीन वर्ष तक नहीं किया सफल संचालन तो होंगे ब्लैकलिस्टेड -*
उप कृषि निदेशक ने बताया कि चयन के उपरान्त अभ्यर्थी शपथ पत्र प्रस्तुत करेगें, जिसमें यह घोषण होगी कि तीन वर्ष तक उनके द्वारा ’’वन स्टाप शॉप’’ का सफल संचालन किया जायेगा अन्यथा की स्थिति में कृषि विभाग की समस्त योजनाओं से उन्हें प्रतिबन्धित (ब्लैकलिस्ट) कर दिया जायेगा तथा उन पर किये गये व्यय की विभाग द्वारा वसूली की जायेगी ।