आशीष मोदनवाल पत्रकार
वाराणसी/- रोहनिया थाना अंतर्गत आखरी बाईपास स्थित इंदिरा हॉस्पिटल के ऊपर मंगलवार को कुछ ही देर पहले गंभीर आरोप लगाया गया मरीज कि मृत्यु हो जाने के बाद डेढ़ लाख रुपए लेने के बाद भी डेड बॉडी परिजन को नहीं दी जा रही है मृतक के परिजन से ₹35000 और अस्पताल प्रबंधन द्वारा मांगा जा रहा है जिसको देने में मृतक के परिजन असमर्थ हैं जबकि वहीं मात्र 28 सप्ताह के बच्चे को एन आई सि यु में 6 दिन रखकर इलाज किया इलाज के दौरान मात्र 68000 का बिल बना था जिसमें मृतक का परिजन ₹35000 जमा किया था बाकी बचे हुए पैसों में से ₹5000 अस्पताल प्रबंधन को जमा कर अपने बच्चों की डेड बॉडी को लेकर अंतिम दाह संस्कार के लिए चला गया मृतक के परिजन का कहना रहा की मुझे हॉस्पिटल या हॉस्पिटल के कर्मचारियों से और डॉक्टर से कोई शिकवा शिकायत नहीं है मृतक के परिजन का यह भी कहना रहा की यह आरोप मेरे द्वारा नहीं लगाया गया है मुझे तो पता भी नहीं है कि यह आरोप किसने लगाया है इसलिए यह आरोप सरासर गलत और निराधार है वही इस संबंध में इंदिरा हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉक्टर चंद्रशेखर वर्मा से पूछा गया तो उनका कहना रहा की सिर्फ धन उगाही के लिए कुछ तथाकथित पत्रकारों द्वारा आए दिन अस्पताल प्रबंधन को परेशान किया जाता है और कहां जाता है कि अगर हम लोगों को पैसा नहीं दिया जाएगा अस्पताल प्रबंधन द्वारा तो हम हॉस्पिटल चलाना दूभर कर देंगे जिससे अस्पताल प्रबंधन को अस्पताल चलाने में काफी असुविधा महसूस हो रही है