
चिरईगांव : बाढ से प्रभावित क्षेत्रों में सभी लोग, जनप्रतिनिधि और अधिकारी- कर्मचारी सजग रहें। साथ ही सहयोग करें तो इस समस्या का पूरी तरह सामना किया जा सकता है। इससे जन-धन की हानि कम होगी। यह बातें श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार को चिरईगांव विकास खंड मुख्यालय सभागार में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों आदि के साथ बैठक में कहीं। उन्होंने राहत पहुंचाने के लिए अब तक हुई तैयारियों और सुझावों के संबंध में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं से जानकारी हासिल की।
समीक्षा बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव ने कहा कि गंगा में अभी पानी की स्थिति चेतावनी बिंदू से काफी नीचे है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों के जनप्रतिनिधि, आपदा मित्र विभागीय अधिकारियों से सहयोग कर प्रभावितों की सूची तैयार करवाएं। उसमें सूखा राशन, लंच पैकेट की सूची अलग अलग हो। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। पशुओं के चारे के लिए पशुपालन विभाग से समन्वय, बाढ़ राहत चौकियों पर कृषि, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत, विकास, आपूर्ति आदि विभागों के कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है। मोकलपुर के भईयालाल ने सर्पदंश, भूसा वितरण की समस्या बताई। बभनपुरा के देवमणि त्रिपाठी ने लेखपालों की मनमानी और शिवदशा के पूर्व ग्राम प्रधान ने बाढ़ के समय नावों की समस्या उठाई। इस पर एडीएम ने ऐसी समस्या नहीं होने को आश्वस्त किया।

कंट्रोल रूम का नंबर नोट कराया। इसमें सीडीओ हिमांशु नागपाल, एसडीएम सदर सार्थक अग्रवाल, सुधीर सिंह, प्रतिनिधि संजय सिंह कमलेश मौर्य, एडीओ पंचायत कमलेश सिंह गोरव आदि रहे।