अखरी, कुरुहुवा
खुद से हम करे शुरुवात आओ करे जेंडर समानता की बात
आज दिनांक 19 सितंबर 24 को अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस अभियान के सातवे दिन सरस्वती इंटर कॉलेज अखरी में फावा ग्रुप और लोक चेतना समिति के संयुक्त तत्वाधान में *जेंडर समानता* विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय प्रवेश करते हुए कहा गया कि आज हम अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस अभियान उत्सव के अंतर्गत आपके बीच में *जेंडर समानता* विषय पर बातचीत करने के लिए एकत्रित हुए हैं।
इस उत्सव का उद्देश्य लड़कियों से जुड़ी गलत धारणाओं को पहचानना,बेटे को प्राथमिकता देने वाली परंपराओं को समाप्त करना और सभी लिंगों के लिए समान अधिकारों को बढ़ावा देना है। जेंडर क्या है जेंडर और सेक्स में क्या अंतर है, पर समझ बनाते हुए कहा गया कि जेंडर शब्द का प्रयोग समाज में लड़का और लड़की के फर्क को समझने के लिए किया जाता है।जेंडर एक विचार धारा है जिसका मतलब महिला पुरुष के सामाजिक रिश्तों से है जो भगवान नही बल्कि समाज द्वारा बनाया गया है। बहुत से लोग मानते है कि अपनी शारीरिक बनावट की वजह से महिला कमजोर और पुरुष ताकतवर होते है। जेंडर शब्द का प्रयोग इस सोच को बदलने के लिए किया गया।लड़का लड़की की पहचान लिंग के आधार पर होती है यह प्राकृतिक है। दोनो के अंदर अपार क्षमता है पर समाज द्वारा लिंग के आधार पर काम का बटवारा कर दिया गया है जो गलत है हमे इस धारणा को बदलना होगा और दोनो को समान अवसर देना होगा ।जब तक लिंग भेद भाव समाप्त नही होगा तब तक परिवर्तन और विकास नही हो सकता है।इसके लिए हम समाज के लोगो को आगे आना होगा ।किशोरियों द्वारा समाज से जेंडर भेद भाव समाप्त करने और हर प्रकार की महिला हिंसा, छेड़खानी और बलात्कार के खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनाने की मांग प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड के माध्यम से की ।जेंडर भेद भाव पर समझ बनाने के लिए छात्र छात्राओ को लिंग भेद भाव के लिए साप सीढ़ी और लिंग निर्धारण के लिए जिम्मेदार हेतु पोटली में कंचे के खेल के माध्यम से समझ बनाई गई। कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में लोक चेतना समिति से शर्मिला,रचना,बिंदु कुमारी की व सरस्वती इंटर कालेज की शिक्षिका खुशी सिंह,छोटेलाल व 47 छात्र छात्राओं को भागीदारी रही।