राजातालाब तहसील के नवागत एसडीएम बने आईएएस साई आश्रित शाकमुरी पदभार किये ग्रहण,एक वर्ष बाद तहसील राजातालाब को चलाने की जिम्मेदारी मिली आईएएस अधिकारी को बधाईयो का लगा तांता
रिपोर्ट शुभम् शर्मा
राजातालाब/-तहसील राजातालाब को चलाने की जिम्मेदारी एक वर्ष बाद किसी आईएएस अधिकारी को मिली है और नवागत एसडीएम राजातालाब साई आश्रित शाकमुरी ने सोमवार को तहसील पहुँचकर एसडीएम का पदभार ग्रहण करते हुए पहले दिन डेढ़ घण्टा कोर्ट चलाया और अधिवक्ता गणों,पत्रकार साथियो सहित तहसील के अधिकारी कर्मचारी से मुलाकात कर क्षेत्र की मुख्य समस्याओं सहित अनेको बिंदु पर चर्चा करते हुए सामंजस्य स्थापित कर कार्य करने व सहयोग करने की बात कही।प्राप्त जानकारी के मुताबिक नवागत एसडीएम राजातालाब साई आश्रित शाकमुरी मुलतः वारंगल हैदराबाद तेलंगाना के रहने वाले है और वाराणसी में अप्रैल 2024 में आये है,मई 2023 में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण किये थे और बीते दस दिनों से वह बीडीओ आराजी लाइन के पद पर तैनात थे शनिवार रात डीएम वाराणसी द्वारा आईएएस साई आश्रित शाकमुरी को एसडीएम राजातालाब बना दिया गया है।वर्ष 2020 में तहसील राजातालाब को आईएएस विक्रमादित्य मलिक व मणिकंडन ए सहित 2023 में 16 दिन के आईएएस अधिकारी कमलकिशोर देशभूषण कण्डारकर भी एसडीएम राजातालाब की जिम्मेदारी सम्भाल चुके है।ज्ञात हो कि बिट्स पिलानी से बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) स्नातक साई आश्रित शाकमुरी ने प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 40वीं रैंक हासिल किये थे।इस उपलब्धि ने उनके माता-पिता शाकमुरी अमर और पद्मजा को बहुत गर्व से भर दिया था।वैसे वह बाद में परिवार के साथ हैदराबाद आ गए।सिविल इंजीनियरिंग में बिट्स से बीटेक करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सीएसई में बैठने का फैसला किया था।उन्होंने कहा, “यह निर्णय वास्तव में कठिन था,क्योंकि यूपीएससी सीएसई जीवन के साथ जोखिम लेने जैसा है।तब मैंने लोगों को इसके लिए विभिन्न कठिनाइयों से गुजरते हुए देखा था।फिर भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त किये।दरअसल तमिलनाडु के एक नेत्रहीन लड़के ने यूपीएससी में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था।उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद मई 2021 से तैयारी शुरू कर दी थी।हालांकि उन्होंने अपने अंतिम सेमेस्टर के तीन महीने सिलेबस,पैटर्न और ऑप्शनल सब्जेक्ट को समझने के लिए दिए।इससे उन्हें अच्छी रणनीति बनाने और अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिली।यह सब काम भी कर गया,क्योंकि उन्होंने केवल डेढ़ वर्ष की तैयारी में सीएसई को पास कर लिया था।मीडिया से बातचीत के दौरान नवागत एसडीएम आईएएस साई आश्रित शाकमुरी ने बताया कि सोमवार को मैंने चार्ज लिया और पहले दिन डेढ़ घण्टे कोर्ट किया हूँ,हमारी प्रथम प्राथमिकता यही रहेगी कि कोई भी फरियादी असंतुष्ट होकर वापस नही लौटे शासन के मंशा अनुसार कार्य करते हुए सभी के साथ न्याय करना होगा।