श्रीमान् अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था). कमिश्नरेट, वाराणसी।
विषय: इस्लाम मजहब के प्रवर्तक पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के विरुद्ध यति नरसिम्हानन्द सरस्वती डासना देवी मन्दिर गाजियाबाद द्वारा अभद्र बयान जो धर्मनिरपेक्ष देश में फैली अशांति के सन्दर्भ में।
महोदय
दिनाक 06-10-2024 को बनारस जिले के तमाम इस्लामी धर्मगुरु (उलमा) का बैठक हुई जिसमें परिधत सभी धर्मगुरुओं सदर काजी-ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी व नबन मिया) व मौलाना अब्दुल मोबीन नोमानी मौलाना मोईनुददीन अहमद फारुकी (प्यारे मिया) व मुफ्ती गुलाम अहमद अनदर मुफ्ती अब्दुल हादी खान, काजी फजले अहमाद अल्लामा असारुल हक नूरी कारी दिलशाद अहमद रिजवी मुफ्ती मोइनुद्दीन, मुफ्ती मोतिउर्रहमान मौलाना याकूब मौलाना आशिफ मौलाना उजैर, मौलानी अजहरुल कादरी, मौलाना मोहम्मद इलियास मुफ्ता सलाहुद्दीन, हाफिज मूसा रजा हाफिज मोहम्मद अली रजा, अश्फाक अहमद एडवोकेट, जुनैद जाफरी एडवोकेट मोहम्मद शाहिद एडवोकेट, अमन रजा एडवोकेट सैय्यद असद एडवोकेट अबरार अहमद एडवोकेट, शहनवाज खान एडवोकेट, मोहम्मद शादाब एडवोकेट, पीरजादा मुफ्ती अंजुमन हक्कानी, मौलाना अखलाक अहमद बरकाती, शहाबुद्दीन लोदी, मुफ्ती गुलाम मुर्सलीन मरकजी, मुफ्ती हसन रजा वहीदी मुफ्ती नवाज शरीफ अमजदी, मुफ्ती वाजिद अली अमजदी, मौलाना गुलाम मोहिउद्दीन की उपस्थिति में सभी उलमाओं ने सदर काजी-ए-शहर बनारस
मौलाना हसीन अहमद हबीबी के नेतृत्व में तमाम लोगों ने इकट्ठा होकर एक राय से यह निर्णय लिया गया है एक प्रतिनिधि मण्डल मा० मुख्यमंत्री, उ०प्र०. जिलाधिकारी महोदय, पुलिस महानिदेशक महोदय अपर पुलिस महानिदेशक महोदय (ला एंड आर्डर) से मिलकर उन्हें सयुक्त रूप से ज्ञापन देकर अपनी आहत भावनाओं स अवगत करायेंगे। यति नरसिम्हानन्द द्वारा गाजियाबाद में दिये गये बयान जो कानूनी परिधि में दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है और उसके बयान द्वारा अनावश्यक धार्मिक उन्माद फैलाने का कुचक्र का आशय मात्र क्षुद्र प्रसिद्धि हेतु कारित अपगाः हेतु व्यक्तिगत रुप से उसे तथा उसके संवर्धक एवं संवाहक को भारतीय न्याय सहिता की सुसंगत धाराओं यथा 152, 196, 197, 299, 302, 351(1), 351(ii), 353(ii) व 352 और आई०टी० एक्ट की धारा 66ए, 66एफ व 67 के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही करते हुए दण्डित किया जाना अति आवश्यक है। उपरोक्त यति नरसिम्हानन्द उसके हेली-मेली द्वारा कृत उपरोक्त आपराधिक कृत्य संविधान द्वारा प्रदत्त धर्मनिरपेक्षता के अधिकारों का सीधा हनन करते हुए “दशहरे के पर्व पर रावण दहन के बजाय पैगम्बर का दहन करना चाहिये व अन्य आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है, ये अपमानजनक कथन देश की शान्ति व्यवस्था समग्र हित एवं वर्ग विशेष की धार्मिक भावनाओं का अनावश्यक रुप से आहत करने का अपराध है जिसे हर स्तर पर नियंत्रित करना पुलिस व प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी है। अतः प्रस्तुत ज्ञापन के जरिये आप महोदय को सूचित किया जाता है कि समय रहते उपरोक्त प्रकरण में त्वरित कार्यवाही अति आवश्यक है नहीं तो हम लोग हर स्तर पर विधि सम्मत कानून के दायरे के अन्दर रहकर हर सम्भव विरोध हेतु तैयार है जिसके लिए जिला इंतेजामिया जिम्मेदार होंगे।
दिनाक 09-10-2024
सदर काज़ी-ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी
UP18न्यूज लाईव से सरफराज खान की रिपोर्ट