चौबेपुर (वाराणसी)-खेतों में फसल अवशेष जलाना अब किसानों को महंगा पड़ेगा।पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष फसल अवशेष/पराली जलाने पर पर किसानों को दोगुना अर्थदण्ड का प्राविधान किया है।अब दो एकड़ से कम क्षेत्रफल के लिए 5000 रूपये प्रति घटना,दो से पांच एकड़ क्षेत्रफल तक के लिए 10000 रूपये एवं पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के लिए 30 हजार रूपये प्रति घटना की दर से आर्थिक अर्थदंड/जुर्माना लगाने का प्राविधान है।पराली जलाने की घटना की पुनरावृत्ति होने पर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किये जाने का प्रावधान है।
उक्त आशय से सम्बंधित पत्र जिलाधिकारी द्वारा जनपद के सभी ग्राम प्रधानों को जारी करते हुए गांव के ग्राम प्रधान का भी उत्तरदायित्व तय कर दिया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार अब ग्राम पंचायतों में खुली बैठक करके किसानों को जागरूक करना होगा।बैठक में कृषि विभाग के प्रसार कार्मिक(तकनीकी सहायक, बीटीएम,एटीएम),राजस्व विभाग के लेखपाल,ग्राम पंचायत अधिकारी भी प्रतिभाग करेंगे।
*अफसरों को दें तत्काल सूचना*
पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि फसल अवशेष की घटना होने पर यदि ग्राम प्रधान द्वारा घटना को छिपाया जाता है अथवा उच्चाधिकारियों को सूचना देने में शिथिलता बरती जाती है तो यह माना जायेगा कि फसल अवशेष जलाने का अपराध करने वाले व्यक्ति के साथ सम्बंधित ग्राम प्रधान की संलिप्तता है।ऐसे में वाध्य होकर सम्बंधित ग्राम प्रधान का उत्तरदायित्व निर्धारित कर उक्त अपराध में सह-अभियुक्त बनाते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी।
*ग्राम प्रधानों को सौंपा गया पत्र-*
जिलाधिकारी द्वारा जारी पत्र की प्रति बृहस्पतिवार को कृषि विभाग के खण्ड तकनीकी प्रबंधक देवमणि त्रिपाठी द्वारा क्षेत्र के ढांका, भंदहांकलां,राजवाड़ी,भगवानपुर,डुडुवां,लक्ष्मीसेनपुर,सरैंया आदि गांव के ग्राम प्रधानों को सौंपा गया। खण्ड तकनीकी प्रबंधक द्वारा ढांका गांव के किसानों को पराली प्रबंधन का महत्व समझाते हुए पराली नहीं जलाने का आग्रह करते हुए ढांका के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को जिलाधिकारी का पत्र सौंपा।