Thursday, February 26, 2026

चंदू चैंपियन का हुआ भव्य स्वागत

 

चंदू चैंपियन का हुआ भव्य स्वागत

चंदू चैंपियन के नाम से पूरी दुनियां में विख्यात भारत के पैरा के पहले दिव्यांग खिलाड़ी जिन्होंने 1972 में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था आज 86 वर्ष की अवस्था में पहली बार वाराणसी आए वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंचने पर राज्य सलाहकार बोर्ड दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सदस्य डॉ उत्तम ओझा एवं प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ तुलसी दास जी ने काशी विश्वनाथ जी का स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर बनारस किला में भव्य स्वागत किया। श्री पेटकर वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के खेलकूद महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने के लिए काशी आए हैं। अपने स्वागत से अभिभूत पेटकर साहब ने कहा कि जितना मैंने सुना था उससे कहीं अधिक भाव और दिव्य अलौकिक नगरी काशी है। काशी आकर मुझे जो सुकून व आनंद की अनुभूति हुई है उसे मैं व्यक्त नहीं कर सकता है यह अनिवर्चनीय काशी मोक्ष की नगरी के साथ-साथ जीवन दायिनी है यहाँ आकर असीम ऊर्जा की अनुभूति हो रही है।

बाबा विश्वनाथ जी के दर्शन की इच्छा बचपन से थी जो आज 86 वर्ष की उम्र में पूरी हो रही है। डॉ उत्तम ओझा ने बताया कि कल बाबा विश्वनाथ का दर्शन करेंगे और खेलकूद महोत्सव में अतिथि के तौर पर सम्मिलित होकर 13 तारीख को पुणे वापस चले जाएंगे।

 

 

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir