ब्यूरो- नीरज कुमार खुटहन जौनपुर
मामला जौनपुर जिले के विकासखंड खुटहन के ग्राम सभा पिलकिच्छा ( दौलतपुर) का है जहां पर जन समस्या रास्ते दुरव्यवस्था को देखते हुए अमित कुमार पाण्डेय पुत्र देवेंद्र पाण्डेय के द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई गई कि एक सिलापट्ट लगा है जिस नाम से कोई भी आश्रम गांव में नहीं है तथा जहां तक लिखा गया है वहां तक कार्य भी नहीं हुआ है इस क्रम में ग्राम पंचायत अधिकारी राजेन्द्र सिंह के द्वारा मौके पर जांच की गई और आश्वासन दिया गया कि जल्द से जल्द यह रास्ता बना दिया जाएगा परंतु अभी तक रास्ता बना नहीं। 20दिनों पूर्व एक टाली ईट सीमेंट बालू गिरा गया परंतु अभी तक काम शुरू नहीं हुआ और ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा मनमाने तरीके से रिपोर्ट प्रेषित की गई रिपोर्ट में यह बताया गया कि मार्ग का निर्माण करा दिया गया है ।अमित कुमार पाण्डेय के द्वारा उन्हें फीडबैक दर्ज कराया गया उच्च अधिकारी द्वारा भी मनमाना गलत भ्रामक फर्जी रिपोर्ट प्रेषित की गई। ऐसे में सवाल यह उठता है कि गांवों को विकसित करने के लिए तथा मार्ग नाली नाला आदि के लिए सरकार से एक मोटा बजट विकास के लिए दी जाती है परंतु इस सरकार में सोचने योग्य विषय यह है कि आदमी कितनी बार सोच विचार कर प्रार्थना पत्र देता है और अधिकारी पूर्ण लापरवाही मनमाना तरीके से रिपोर्ट प्रेषित करते हैं ।इससे आम जनमानस में शासन प्रशासन के प्रति कैसा महसूस होगा और आदमी हताश होकर बैठ जाएगा क्योंकि वह उसका निजी मामला नहीं है ऐसे में यह जांच करने योग्य विषय है कि मनमाना रिपोर्ट क्यों प्रेषित की गई इसके पीछे क्या वजह है शासन की मंशा को पलीता क्यों लगाया जा रहा है। रिपोर्ट प्रेषित करने के मामले में उच्चधिकारी तो छोटे अधिकारियों के भी गुरु जी हैं।