मुख्यमंत्री का जनसुनवाई पोर्टल बना शोपीस
कई दिनों ने नहीं दर्ज हो पा रहा है कोई शिकायत
वाराणसी/लखनऊ। यह एक गंभीर मुद्दा है कि मुख्यमंत्री का जनसुनवाई पोर्टल, जो जनता के लिए एक अहम संपर्क और शिकायत निवारण साधन है, सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। ऐसे में जब लोग अपनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए पोर्टल का उपयोग करते हैं और उन्हें तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो यह न केवल उनकी परेशानी बढ़ाता है बल्कि पोर्टल के उद्देश्य को भी विफल करता है।
*”Oops… Complaint not saved!”* और *”नया संदर्भ 5 मिनट के उपरांत दर्ज करें”* जैसे मैसेज यह दिखाते हैं कि सिस्टम में कोई तकनीकी खामी है, जिसके कारण उपयोगकर्ता अपनी शिकायतें सही तरीके से दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। यह न केवल एक व्यवधान है, बल्कि यह विश्वास भी तोड़ता है कि सरकारी पोर्टल जनता की समस्याओं का सही समाधान करेगा।
इस स्थिति में सुधार की आवश्यकता है, और संबंधित अधिकारियों को इस तरह के तकनीकी समस्याओं को जल्द से जल्द हल करना चाहिए ताकि पोर्टल का उद्देश्य पूरा किया जा सके और लोग अपनी शिकायतें दर्ज कर सकें। इसके लिए नियमित निगरानी और फीडबैक सिस्टम को भी मजबूत किया जा सकता है।