आशीष मोदनवाल पत्रकार
तो क्या सिगरा स्थित फिलिंग्स मोबाइल व अन्य दुकान फाइनेंस के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं*…
कृष्णा पंडित की कलम से
फाइनेंस के नाम पर मोबाइल की दुकान पर ₹40000 की ठगी
*सावधान रहे सचेत रहें और किसी भी अंजान दुकान से फाइनेंस ना करवाये नहीं आप भी हो सकते हैं ठगी का शिकार*
वाराणसी के सिगरा थाना अंतर्गत आईपी मॉल के सामने किसी भी मानक को न तय करते हुए दर्जनों मोबाइल की शॉप है जो बिना किसी रोक टोक धड़ल्ले से संचालित हो रही है आपको बता दें कि कई तरीके का गलत धंधा दुकान संचालकों द्वारा किया जाता रहा है !
गोपाल चौरसिया पुत्र बबलू चौरसिया कोनद्वार लल्लापुरा निवासी ने बजाज फाइनेंस के माध्यम से शुभम इंटरप्राइजेज दुकान से एक मोबाइल ली जिसकी कीमत 15499/ है प्राथी ने लिया!जिसकी सारी किस्तें भुगतान करने के बाद NOC ले लिया ! लेकिन बैंक से किस्त कटना बंद नहीं हुआ फिर गोपाल ने इस बाबत जानकारी की तो पता चला कि सिगरा स्थित फिलिंग्स मोबाइल की दुकान पर बजाज फाइनेंस का कर्मचारी आशीष मल्होत्रा द्वारा 40000 रुपए का मोबाइल गोपाल की आईडी का दुरुपयोग कर फाइनेंस कर लिया गया है और जब इस संबंध बात करने गया तो जिम्मेदार मलिक ने कहा कई लोगों का वह फ्रॉड किया है !
*तो क्या फाइनेंस के नाम पर फ्रॉड लड़कों को दुकान पर रखकर आम जनता को ठगी करवा रहा है दुकानदार* यह बहुत बड़ा सवाल है ऐसे कैसे किसी के साथ आई डी का दुरुपयोग कर ठगी किया जा सकता है ! सवाल ढेर सारे हैं इसके पूर्व में भी फिलिंग्स मोबाइल वाले के ऊपर कई संगीन आरोप लगा चुके हैं यह जांच का विषय है तत्काल प्रभाव से यदि स्थानीय पुलिस चाहे तो इस मामले का निस्तारण हो सकता है !अब देखना होगा शिकायत और खबर वायरल होने के बाद पुलिस इसका निस्तारण करती है या खानापूर्ति कर जांच को ठंडा बस्ते में डाल देती है क्योंकि पुलिस चाहे तो 10 मिनट के अंदर इस मामले का निस्तारण हो सकता है दुकान पर यदि कोई व्यक्ति फाइनेंस कंपनी का कार्य कर रहा है तो बिना किसी प्रूफ और आईडी किसी भी दुकानदार के पास वह कार्य नहीं कर सकता और ऐसा अपराध बिना दुकानदार की मर्जी से या संलिप्तता से नहीं किया जा सकता तो निश्चित तौर पर आम लोगों को ठगी से बचाने के लिए पुलिस को ठोस कदम उठाते हुए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए !! #वायरल #varanasi #public #trend #YogiAdityanath #UPPolice