चिरईगाँव(वाराणसी)
थाना क्षेत्र के गौराकलां गांव से लेकर चिरईगांव तक शुक्रवार को एक तेंदुए की हलचल ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। खेतों और झाड़ियों में छिपकर लोगों पर हमला करता यह तेंदुआ पूरे दिन वन विभाग और ग्रामीणों की आंखों में धूल झोंकता रहा। तेंदुए के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें नवापुरा शंकरपुर निवासी अमित मौर्य की हालत गंभीर बताई जा रही है।
महिलाओं की चीख से खुला राज
शुक्रवार सुबह लगभग 8:30 बजे गौराकलां गांव की महिलाएं जब गुलाब के खेत में फूल तोड़ने पहुंचीं, तभी उन्हें बाघ जैसी आकृति का जानवर दिखाई दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े और पास के कामाख्या नगर कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई। कैमरे में एक तेंदुआ खेतों की ओर जाता हुआ दिखाई दिया।
लाठी लेकर निकले युवक, तेंदुए ने किया हमला
ग्रामीण अमित मौर्य, जयप्रकाश मौर्य, विनोद, नागेंद्र, श्यामदेव राजभर सहित 7-8 युवक लाठियां लेकर खेत की ओर गए। तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अमित मौर्य पर झपट्टा मार दिया। उन्हें हाथ, पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। साथी युवकों ने शोर मचाकर और लाठियों से हंगामा कर तेंदुए को भगाया। घायल अमित को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वन विभाग की लापरवाही, उपकरण विहीन टीम
सूचना पर पहुंची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, मगर वन विभाग की टीम घंटों बाद बिना तैयारी पहुंची। प्रभागीय वन अधिकारी स्वाति सिंह और मुख्य वन संरक्षक रवि सिंह मौके पर तो थे, लेकिन टीम के पास न ट्रंकोलाइज़र गन थी, न सुरक्षा गियर। उन्होंने ग्रामीणों से लाठियां, हेलमेट और सुरक्षा पैड उधार मांगे।
पिंजरा, मुर्गा, और खाली इंतज़ार
बाद में खेत में एक पिंजरा लगाया गया, जिसमें दो मुर्गे डालकर तेंदुए को फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन तेंदुआ नहीं फंसा और शाम तक चिरईगांव के पास करौंदा और नींबू के खेतों की झाड़ियों में छिपा रहा।
प्रभागीय वन अधिकारी स्वाति सिंह ने बताया कि ट्रंकोलाइज़र गन लखनऊ से मंगवाई जा रही है, जिसके बाद तेंदुए को बेहोश कर पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों में भय का माहौल
घटनास्थल के आसपास के गांवों – गौराकलां, चिरईगांव, नवापुरा, शंकरपुर – में दहशत व्याप्त है। लोग बच्चों को बाहर नहीं भेज रहे हैं और खेतों की तरफ जाने से परहेज कर रहे हैं।