चिरईगांव, वाराणसी।
चिरईगांव ब्लॉक के ढाब क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर से विवाद गहराता नजर आ रहा है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित घोषित इस क्षेत्र में रविवार रात खुलेआम जेसीबी मशीनों के माध्यम से खनन किया गया। खनन की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने वाले एक युवक को खनन माफियाओं ने न सिर्फ अगवा किया, बल्कि मंदिर में ले जाकर बेरहमी से पीटा भी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत रामचंदीपुर निवासी कपिल नामक युवक ने बीते रविवार रात ढाब क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की सूचना अधिकारियों को दी थी। आरोप है कि इसकी भनक लगते ही खनन माफियाओं ने कपिल की पहचान कर ली और उसे दौड़ा कर पकड़ लिया। इसके बाद उसे छितौना गांव स्थित वंशक्ति मां मंदिर ले जाया गया, जहां आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे धमकाया कि उसके कारण उनका लाखों का नुकसान हुआ है।
मंदिर बना टॉर्चर स्थल
कपिल ने बताया कि मंदिर परिसर में उसे पूछताछ के बहाने टॉर्चर किया गया। आरोपियों ने जानना चाहा कि उसने किसके कहने पर सूचना दी और चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसा किया तो अंजाम गंभीर होगा। किसी तरह खुद को छुड़ाकर कपिल जान बचाकर भागा और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
क्षेत्र में फैली दहशत
वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चौबेपुर थाना पुलिस और खनन विभाग की खनन माफियाओं से मिलीभगत के चलते कोई भी व्यक्ति आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है। यह घटना उसी डर की एक कड़ी है।
आरोपी नामजद, एफआईआर की मांग
मंगलवार को पीड़ित कपिल ने चौबेपुर थाना में दिलीप यादव, अजीत यादव (निवासी छितौना), सुनील यादव, आशीष और रोहित (निवासी रामचंदीपुर) सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, धमकी और गाली-गलौज की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
थाना प्रभारी जगदीश कुशवाहा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पुराना इतिहास भी रहा है हिंसक
गौरतलब है कि इससे पूर्व सारसौल क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर पहुंचे खनन निरीक्षक दिनेश मोदी पर भी जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया था, जिसकी प्राथमिकी चौबेपुर थाना में पहले से दर्ज है।