Saturday, April 18, 2026

हरियाली के दुश्मन कौन? चुकहां गांव में हरे पेड़ों को आग के हवाले, वन विभाग मौन

  1. हरियाली के दुश्मन कौन? चुकहां गांव में हरे पेड़ों को आग के हवाले, वन विभाग मौ

चिरईगांव/वाराणसी।

जहां एक ओर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को लेकर व्यापक अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग हरियाली के दुश्मन बन बैठे हैं। चौबेपुर-भगतुआं मार्ग पर चुकहां गांव के पास सड़क किनारे लगे कई हरे-भरे पेड़ों को जानबूझकर आग के हवाले कर दिया गया। यह घटना पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेत के किनारे उगी झाड़ियों को जलाने के दौरान खेत मालिक के परिजनों ने कई हरे पेड़ों को भी आग में झोंक दिया। जब स्थानीय लोगों ने उन्हें चेताया और झाड़ियों को काटने की सलाह दी, तो उन्होंने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की धमकी तक दे डाली।

आश्चर्य की बात यह है कि यह क्षेत्र वन विभाग और पुलिस की नियमित आवाजाही का हिस्सा है, फिर भी अब तक न तो किसी अधिकारी ने मौके का मुआयना किया और न ही कोई कार्रवाई की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डाल काटने पर तो वन विभाग के कर्मचारी तत्काल पहुंच जाते हैं, लेकिन पेड़ जल जाने पर सब खामोश हैं।

घटना के बाद से ही क्षेत्रीय जनता में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।

इस पूरे प्रकरण में जब वन विभाग के फॉरेस्ट रेंजर संजय कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।

जनता का सवाल साफ है — आखिर हरियाली का असली दुश्मन कौन? और कब जागेगा प्रशासन?

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