वाराणसी (चिरईगांव)।
चिरईगांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम चुकहां में सड़कों की हालत आज भी बद से बदतर बनी हुई है। गांव की मुख्य सड़क, जो खेतों और आसपास के कई घरों को जोड़ती है, मरम्मत कार्य के बावजूद पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ईंटों से बनी यह सड़क अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत का रास्ता बन गई है।
हाल ही में इस रास्ते पर पाइपलाइन डालने का कार्य किया गया था, जिसके लिए सड़क को खोदा गया। लेकिन कार्य के बाद जिस तरह से मरम्मत की गई, उससे लोगों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत के दौरान पुरानी और टूटी-फूटी ईंटों का इस्तेमाल किया गया, जिससे सड़क की हालत और बिगड़ गई।
ईंटों के बीच भरा पानी, चलना हुआ मुश्किल
गांववासियों के अनुसार, बारिश के मौसम में ईंटों के बीच पानी भर जाता है, जिससे कीचड़ और फिसलन की स्थिति पैदा हो जाती है। यह स्थिति न सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए ख़तरनाक है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
काम सिर्फ दिखावे के लिए: ग्रामीण
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह मरम्मत कार्य केवल कागजों पर किया गया। निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ और गुणवत्ता की कोई परवाह नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस मामले की शिकायत प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों की मांग: हो जांच और दोबारा हो निर्माण
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अधूरे और घटिया कार्य की जांच कराई जाए और सड़क का निर्माण दोबारा, पूरी गुणवत्ता के साथ कराया जाए। लोगों का कहना है कि जब तक ग्रामीण इलाकों में सही मायनों में काम नहीं होगा, तब तक ‘विकास’ केवल एक दिखावा बना रहेगा।