चिरईगांव (वाराणसी)। क्षेत्र में बरसात शुरू होते ही गंगा नदी के जलस्तर में तेज़ बढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे ढाबा क्षेत्र के कई गांवों में आवागमन और कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। मंगलवार सुबह से अम्बा-मोकलपुर घाट पर गंगासोता के दोनों ओर पानी भर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
इस मार्ग के बंद होने से मोकलपुर, गोबरहां, रामपुर समेत आस-पास के गांवों के लोग अब रामचन्दीपुर-मुस्तफाबाद पुल के रास्ते जाल्हूपुर बाजार जाने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें 6 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
खेती-किसानी पर संकट
गंगा के जलस्तर में अचानक हुए इज़ाफे से नदी की तलहटी में बोई गई गर्मी की सब्जियों पर भी असर पड़ा है। पानी भरने से खेतों में खड़ी सब्जी की फसल डूबने लगी है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।
चुनौतियों से भरा समय शुरू
गंगा किनारे बसे गांवों और ढाबा क्षेत्र के निवासियों के लिए अब एक निगरानी और सतर्कता का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई राहत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।
स्थानीय निवासी अखिलेश सिंह व विजय यादव ने बताया, “हर साल बारिश में यही हाल होता है। लेकिन इस बार पानी जल्दी आ गया है। न रास्ता रहा, न खेत बचे।”
प्रशासन से उम्मीद
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जलस्तर पर निगरानी रखते हुए बोट सेवा या वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए, ताकि आवागमन और जरूरी कामों में रुकावट न आए।
🖊 रिपोर्ट: शत्रुघन सिंह
📍 स्थान: चिरईगांव, वाराणस





