चंदौली। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि मानते हुए चंदौली पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत एक बार फिर बड़ा उदाहरण पेश किया है। एसपी आदित्य लांग्हे (IPS) के नेतृत्व में चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 में एंटी रोमियो स्क्वॉड ने अब तक 1128 मनचलों पर कार्रवाई की है। यह अभियान 21 सितंबर से 23 अक्टूबर 2025 तक जिलेभर में चलाया गया, जिसमें स्कूल-कॉलेज, कोचिंग सेंटर और बाजारों के आसपास सघन चेकिंग की गई।
मनचलों पर सख्त एक्शन – आंकड़ों में देखें अभियान की ताकत:
धारा 126/135/170 बीएनएसएस में कार्रवाई: 587 शोहदे
धारा 129 बीएनएसएस में कार्रवाई: 3 व्यक्ति
धारा 296 बीएनएस में केस दर्ज: 33 मुकदमे, 46 गिरफ्तार
कॉपवॉच ऐप में दर्ज मनचले: 1128
गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई: 32 शातिर अपराधी
एंटी रोमियो स्क्वॉड की सख्ती से मनचलों में मचा हड़कंप
पुलिस टीम ने सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें करने, फब्तियां कसने और महिलाओं से अभद्रता करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। कई आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया, वहीं 33 मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
टेक्नोलॉजी से बढ़ी निगरानी — “कॉपवॉच ऐप” बना पुलिस की तीसरी आंख
पुलिस ने कार्रवाई के बाद इन मनचलों का पूरा रिकॉर्ड — नाम, पता, मोबाइल नंबर समेत — “कॉपवॉच ऐप” में दर्ज किया है। इससे संदिग्ध गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी और दोबारा अपराध की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई होगी।
शातिरों पर लगा गुण्डा एक्ट, बना नारी सुरक्षा का मॉडल
महिलाओं के साथ अभद्रता, जातिसूचक टिप्पणी और धमकी जैसे मामलों में संलिप्त 32 अपराधियों पर गुण्डा एक्ट लगाया गया है। यह कदम बताता है कि चंदौली पुलिस की नीति “Zero Tolerance for Crime Against Women” पर पूरी तरह अमल में है।
एसपी आदित्य लांग्हे का बयान:
> “मिशन शक्ति 5.0 केवल एक अभियान नहीं, बल्कि नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संकल्प है। चंदौली पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि जिले की हर महिला खुद को सुरक्षित और सशक्त महसूस करे।”
जनता में बढ़ा विश्वास, अपराधियों में डर
एसपी लांग्हे की सख्त कार्यशैली अब जिलेभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि उनकी सख्ती के बाद सड़कों पर मनचलों की आवाजाही लगभग खत्म हो गई है।
चंदौली पुलिस का संदेश साफ है — “नारी का सम्मान, समाज की पहचान”। अब महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के
लिए जिले में कोई जगह नहीं।
*चन्दौली से ~ परीक्षित उपाध्याय की एक रिपोर्ट*






