अधिवक्ता समाज ने समाजवाद के पुरोधा लोकबन्धु राज नारायाण जी की कचहरी में मनायी पुण्यतिथि
यूँ ही कोई ‘राजनारायण’ नहीं हो जाता – विनय राय
वाराणसी। जिलाधिकारी कार्यालय कचहरी से बनारस बार तक अधिवक्ता राजेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में लोकबंधु का चित्र लेकर एवं गगन भेदी नारे लगाते हुये सैकड़ो अधिवक्ताओ ने जुलूस निकालकर समाजवाद के पुरोधा लोक बंधु के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पान्जली कर श्रद्धासुमन अर्पित किये और सभा कर लोक बंधु राज नारायण के विचारो और समाजवादी मूल्यो को आत्मसात करने का संकल्प लिये । संकल्प सभा में सर्वसम्मत से प्रस्ताव पास कर लोकबंधु राजनरायण को भारत सरकार से भारतरत्न देने का मांग किया गया।
बनारस बार के नेता अधिवक्ता राजेश प्रसाद सिंह ने कहा कि समाजवाद के पुरोधा लोकबंधु राजनरायण ने समाजवादी मूल्यो एवं आदर्शो को जीकर भारत ही नही पुरे दुनिया को समाजवाद का पाठ पढ़ाया है इसलिये राजनरायण को भारत रत्न दिया जाय।
पूर्व महामंत्री दी बनारस बार नित्यानंद राय ने कहा कि
1917 में बनारस के मोतीकोट में पैदा हुए, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से शिक्षा ली, स्वतन्त्रता पूर्व और पश्चात कुल मिलाकर 80 बार से ऊपर जेल यात्राएँ की।लोहिया के शिष्य और विश्वासपात्र तथा खाँटी समाजवादी। इंदिरा गांधी के ख़िलाफ़ 1971 में रायबरेली से चुनाव लड़ा और हारे, लेकिन चुनाव में अवैध तरीकों एवं भ्रष्टाचार को लेकर इंदिरा गांधी के ख़िलाफ़ केस किया , पहले कोर्ट मे जीते फिर चुनाव मे वोट से जीते।कार्यक्रम का संचालन करते हुये विनय शंकर राय “मुन्ना” ने कहा कि डॉ.लोहिया कहा करते थे कि जब तक राजनारायण जैसे सत्याग्रही जिन्दा है तबतक लोकतंत्र जिन्दा रहेगा लेकिन हमारा मानना है कि जब तक राजनारायण का विचार जिन्दा रहेगा लोकतंत्र जिंदा रहेगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर में दलितों के प्रवेश के लिए लड़ाई लड़ी, लाठियाँ खाईं, घसीटे गए और अंततः कामयाब हुए।
एक और सुना हुआ मज़ेदार वाकया है कि जब इनके बेटे की शादी हो रही थी और किसी रस्मअदायगी के लिए इन्हें खोजा गया तब पता चला कि ये किसी बस्ती में भाषण दे रहे थे और उन्हें अपने हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
1980 में जब बनारस से कांग्रेस के पंडित कमलापति त्रिपाठी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा तो कई बार त्रिपाठीजी से ही पैसे लेकर अपने कार्यकर्ताओं को जलपान करवाते थे।
‘लोकबंधु’ नाम से विख्यात राजनारायण ने वर्ष 1986 के अंतिम दिन यानी 31 दिसम्बर को उनहत्तर वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
इस अल्हड़, फ़कीर और बाग़ी नेता को नमन!
श्रद्धान्जली सभा में प्रमुख रूप से गगन प्रकाश यादव, सतीश तिवारी, अभय सिंह, विकास सिंह, अविनाश सिंह “निशू” , संजय लालवानी, संजय सिंह गौतम, मोहम्मद आरीफ सिद्दिकी, संजय मिश्रा, अभय पाठक , रविन्द्र पटेल सहित सैकड़ो लोग शामिल थे।





