Saturday, April 18, 2026

मकर संक्रांति पर नादान परिंदे साहित्य मंच व पैपरिका रेस्टुरेंट द्वारा संयुक्त रूप से खिचड़ी व हलवा का वितरण

मकर संक्रांति पर नादान परिंदे साहित्य मंच व पैपरिका रेस्टुरेंट द्वारा संयुक्त रूप से खिचड़ी व हलवा का वितरण

 

वाराणसी , लंका – शिव शक्ति कॉम्प्लेक्स स्थित नादान परिंदे साहित्य मंच के संस्थापक,वरिष्ठ समाजसेवी डॉ सुबाष चन्द्र एवं पैपरिका रेस्टुरेंट के अधिष्ठाता प्रतीक जायसवाल, आदित्य जायसवाल द्वारा संयुक्त रूप से मकर संक्रांति के पावन पर्व पर स्वास्थ्यवर्धक सब्जियां मिश्रित देसी घी युक्त खिचड़ी (तहरी) व जाड़े में स्वास्थ्य लाभ के उद्देश्य से तमाम उपयोगी वस्तुओं का मिश्रण युक्त हलवा का वितरण किया गया।

इस अवसर पर समाजसेवी डॉ सुबाष चंद्र ने बताया कि मकर संक्रांति के समय ठंड अपने चरम पर होती है, ऐसे मौसम में खिचड़ी शरीर के लिए लाभकारी मानी जाती है। दाल और चावल का संतुलन शरीर को आवश्यक ऊर्जा देता है, जबकि घी पाचन शक्ति को मजबूत करता है। यह भोजन हल्का, सुपाच्य और पोषण से भरपूर होता है। इसके साथ ही खिचड़ी का दान सामाजिक समरसता का प्रतीक माना गया है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन या सामग्री देने से सहयोग और करुणा का भाव बढ़ता है।

मेरे हौसले में जान अभी बाकी है

यह तो दौड़ भर थी उड़ान अभी बाकी है

मेरी सादगी के बारे में अंदाजा मत लगाना

यह तो शुरुआत भर थी अंजाम अभी बाकी है ।

इस मौके पर संरक्षक प्रकाश कुमार श्रीवास्तव गणेश जी, कोषाध्यक्ष झरना मुखर्जी, वरिष्ठ कवि सिद्धनाथ शर्मा, सरोजनी महापात्रा, वत्सला श्रीवास्तव, गिरीश पांडे काषिकेय , बृजेश पाठक, श्रीकांत पाण्डेय, , सुनील सिंह राजपूत , डॉ कैलाश विकास , काली शंकर उपाध्याय, डॉ एकता गुप्ता आदि उपस्थित रहे ।

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