Thursday, February 26, 2026

शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की सह पर बना एक शिक्षक झोला छाप डॉक्टर

शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की सह पर बना एक शिक्षक झोला छाप डॉक्टर

UP : शिक्षक की आड़ में ‘यमराज’ ! भीषम पुर में शिक्षा मित्र चला रहा अवैध क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग बेखबर

भीषमपुर : उत्तर प्रदेश में जहां एक ओर योगी सरकार अवैध अस्पतालों और फर्जी डॉक्टरों पर ‘बुलडोजर’ जैसी कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं भीषम पुर इलाके से एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है। यहाँ बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए नियुक्त एक शिक्षा मित्र खुद ‘डॉक्टर’ बनकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है ।

दिन में ‘गुरुजी’, शाम को ‘झोलाछाप’ डॉक्टर

मामला अकोरवा में तैनात शिक्षा मित्र कैलाश राम से जुड़ा है ।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कैलाश राम दिन में तो स्कूल में शिक्षा की अलख जगाते हैं, लेकिन शाम 4:00 बजे के बाद वह अपनी ‘डॉक्टरी’ की दुकान सजा लेते हैं। भीषम पुर में संचालित इस अवैध क्लीनिक में बिना किसी मेडिकल डिग्री या रजिस्ट्रेशन के मरीजों को हाई डोज दवाइयां और इंजेक्शन दिए जा रहे हैं ।

मौत का सामान और ग्रामीणों का डर

​ग्रामीणों का कहना है कि कम पैसे के लालच में गरीब लोग यहाँ खिंचे चले आते हैं, लेकिन इलाज के नाम पर उन्हें सिर्फ जोखिम मिलता है ।

​बिना डिग्री का इलाज: स्टेथोस्कोप गले में लटकाकर कैलाश राम विशेषज्ञ की तरह मरीजों की जांच करते हैं।

गलत इलाज का खतरा: कई बार गलत दवाओं की वजह से मरीजों की हालत और ज्यादा बिगड़ चुकी है ।

प्रशासनिक संरक्षण का आरोप: स्थानीय लोगों में चर्चा है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत या चुप्पी के कारण ही यह ‘मौत का खेल’ धड़ल्ले से चल रहा है ।

​”एक शिक्षा मित्र जो बच्चों को पढ़ाने के लिए नियुक्त है, वह डॉक्टर कैसे बन सकता है? क्या उसे चिकित्सा का ‘म’ भी पता है? यह सीधे तौर पर मासूम जिंदगियों के साथ क्रूर मजाक है ।” — स्थानीय निवासी

 

सवाल जो जवाब मांगते हैं:

​क्या शिक्षा विभाग को पता है कि उनका कर्मचारी ड्यूटी के बाद अवैध कार्यों में लिप्त है?

स्वास्थ्य विभाग आखिर किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है ?

​क्या कैलाश राम जैसे फर्जी डॉक्टरों को किसी ‘सफेदपोश’ का संरक्षण प्राप्त है?

निष्कर्ष :

​भीषम पुर का यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है। एक तरफ शिक्षा का मंदिर और दूसरी तरफ अवैध क्लीनिक की गद्दी—कैलाश राम का यह दोहरा चेहरा इलाके के लिए खतरा बन चुका है। अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद स्वास्थ्य महकमा अपनी ‘कुंभकर्णी नींद’ से जागता है या फिर किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट: परीक्षित उपाध्याय

लोकेशन : भीषमपुर (उत्तर प्रदेश)

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