Thursday, February 26, 2026

कार्यालय अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय,कमिश्नरेट वाराणसी

कार्यालय अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय,कमिश्नरेट वाराणसी।

प्रेस नोट

दिनांक 23-02-2026

विषय: रंगभरी एकादशी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत निरीक्षण, समीक्षा बैठक एवं विस्तृत निर्देश के सम्बन्ध में:-

आज दिनांक 23-02-2026 को श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा आगामी रंगभरी एकादशी पर्व के दृष्टिगत व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सम्पूर्ण यात्रा मार्ग, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, आसपास के घाटों तथा अन्य महत्वपूर्ण/संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण एवं भ्रमण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित अत्यधिक भीड़, यातायात संचालन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कवरेज, ड्यूटी प्वाइंट, अग्नि सुरक्षा उपाय एवं आपातकालीन व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।

निरीक्षण उपरांत पिनाक भवन स्थित मीटिंग हॉल में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्री अनिल कुमार यादव, पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा, कमिश्नरेट वाराणसी, श्री गौरव वंशवाल, पुलिस उपायुक्त, काशी जोन, कमिश्नरेट वाराणसी, श्री वैभव बांगर,अपर पुलिस उपायुक्त, काशी जोन, कमिश्नरेट वाराणसी, श्री अतुल अंजान त्रिपाठी, सहायक पुलिस आयुक्त, दशाश्वमेध, श्री राम सिंह सहायक पुलिस आयुक्त, सुरक्षा, मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधिगण, संबंधित थाना प्रभारी एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में रंगभरी एकादशी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन एवं विभागीय समन्वय के संबंध में विस्तृत एवं बिंदुवार निर्देश प्रदान किए गए।

1. सघन चेकिंग एवं बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा

 मंदिर परिसर की बाहरी, मध्य एवं आंतरिक परिधि में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित किया जाए। प्रत्येक घेरा पर प्रभारी अधिकारी नामित किए जाएं, जो सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूर्णतः उत्तरदायी होंगे। ड्यूटी प्वाइंट्स का स्पष्ट निर्धारण कर चार्ट जारी किया जाए।

 प्रत्येक प्रवेश द्वार पर एंटी-सबोटाज टीम द्वारा प्रतिदिन पर्व प्रारंभ होने से पूर्व सघन जांच की जाए। मंदिर परिसर, छतों, नालियों, विद्युत कक्षों एवं आसपास के भवनों की विशेष जांच कर क्लियरेंस रिपोर्ट तैयार की जाए। बिना क्लियरेंस के आमजन का प्रवेश न कराया जाए।

 सभी प्रवेश बिंदुओं पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) अनिवार्य रूप से सक्रिय अवस्था में रखे जाएं। इनके साथ हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) द्वारा द्वितीयक जांच सुनिश्चित की जाए। महिला श्रद्धालुओं की जांच हेतु पर्याप्त महिला पुलिस बल की तैनाती की जाए।

 बैग, थैले एवं अन्य सामान की जांच हेतु बैगेज स्कैनर अथवा मैनुअल चेकिंग की पृथक व्यवस्था की जाए। संदिग्ध वस्तु पाए जाने पर तत्काल बम निरोधक दस्ते को सूचित किया जाए। किसी भी लावारिस वस्तु को बिना जांच के न हटाया जाए।

 सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों को भीड़ में मिश्रित कर तैनात किया जाए। ये कर्मी संदिग्ध गतिविधियों, जेबकटी, असामाजिक तत्वों एवं संभावित अराजकता पर निगरानी रखेंगे। उनकी रिपोर्टिंग सीधे नामित अधिकारी को होगी।

 मंदिर के आसपास स्थित छतों एवं ऊँचे भवनों पर निगरानी हेतु पुलिस बल की तैनाती की जाए। आवश्यकता पड़ने पर स्नाइपर/प्रेक्षण दल की तैनाती भी की जा सकती है। छतों पर अनधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति प्रतिबंधित की जाए।

 प्रवेश एवं निकास मार्ग पृथक-पृथक निर्धारित किए जाएं, जिससे भीड़ का टकराव न हो। आपातकालीन निकास मार्ग हर समय खुला एवं अवरोध रहित रखा जाए।

 सुरक्षा ड्यूटी में लगे कर्मियों का समय-समय पर रोटेशन किया जाए, ताकि थकान के कारण सतर्कता में कमी न आए। प्रत्येक अधिकारी अपने अधीनस्थों की उपस्थिति एवं सजगता की समीक्षा करेगा।

 वीआईपी/विशिष्ट आगंतुकों हेतु पृथक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए। सामान्य श्रद्धालुओं की व्यवस्था प्रभावित किए बिना उनकी आवाजाही सुनिश्चित की जाए।

 सुरक्षा व्यवस्था का निरंतर सुपरविजन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाए। ताकि आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

2. भीड़ प्रबंधन एवं बैरिकेडिंग

 संभावित भीड़ का पूर्वानुमान लगाकर चरणबद्ध बैरिकेडिंग योजना लागू की जाए। मुख्य मार्ग, सहायक मार्ग एवं होल्डिंग एरिया का पृथक निर्धारण किया जाए। भीड़ का दबाव बढ़ने पर वैकल्पिक मार्ग सक्रिय किए जाएं।

 होल्डिंग एरिया में पर्याप्त प्रकाश, पेयजल एवं घोषणाओं की व्यवस्था की जाए। भीड़ को नियंत्रित एवं शांत रखने हेतु पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जाए।

 कतारबद्ध दर्शन प्रणाली लागू करते हुए बैरिकेडिंग मजबूत एवं स्थिर रखी जाए। बैरिकेडिंग के बीच पर्याप्त चौड़ाई रखी जाए, जिससे आपातकाल में निकासी संभव हो।

 घाटों एवं संकरे मार्गों पर अतिरिक्त बल की तैनाती की जाए। धक्का-मुक्की की स्थिति बनने पर तत्काल हस्तक्षेप किया जाए।

 महिला, वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए पृथक सहायता डेस्क स्थापित की जाए।

 भीड़ नियंत्रण हेतु रस्सी बैरिकेडिंग, मोबाइल बैरिकेड एवं अस्थायी अवरोधकों का उपयोग किया जाए।

 भगदड़ की स्थिति से निपटने हेतु सभी कर्मियों को ब्रीफिंग दी जाए।

 भीड़ में बच्चों के खोने की स्थिति हेतु “मिसिंग पर्सन हेल्प डेस्क” स्थापित की जाए।

 प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र की भीड़ व्यवस्था के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा।

3. यातायात व्यवस्था एवं डायवर्जन प्लान

 पर्व के दृष्टिगत पूर्व निर्धारित डायवर्जन प्लान का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से आमजन को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाए। बिना सूचना के किसी मार्ग को परिवर्तित न किया जाए।

 नो-व्हीकल जोन में किसी भी प्रकार के निजी वाहन का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रखा जाए। आवश्यक सेवाओं, आपातकालीन वाहनों एवं अधिकृत पास धारकों को ही अनुमति दी जाए। नियम उल्लंघन पर चालान/जब्ती की कार्यवाही की जाए।

 बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों हेतु अस्थायी पार्किंग स्थल किए जाएं। वहाँ से शटल सेवा या पैदल मार्ग का निर्धारण किया जाए। पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे।

 प्रमुख चौराहों, घाटों एवं मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई जाए। जाम की स्थिति बनने पर तत्काल वैकल्पिक मार्ग सक्रिय किया जाए।

 एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित रखा जाए। किसी भी स्थिति में आपात वाहन को बाधित न होने दिया जाए।

 ई-रिक्शा, ऑटो एवं स्थानीय वाहनों की संख्या नियंत्रित की जाए। अनियंत्रित पार्किंग एवं सड़क पर खड़े वाहनों को तत्काल हटाया जाए।

 यातायात नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी एवं ड्रोन के माध्यम से वास्तविक समय में निगरानी की जाए। आवश्यकतानुसार तत्काल फील्ड बल को निर्देश प्रेषित किए जाएं।

 संवेदनशील चौराहों पर क्रेन एवं टोइंग वाहन की व्यवस्था की जाए। अवैध पार्किंग पाए जाने पर तत्काल हटाने की कार्यवाही की जाए।

 पैदल श्रद्धालुओं के लिए पृथक सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जाए। पैदल एवं वाहनों के मार्ग को स्पष्ट रूप से अलग रखा जाए।

04. सीसीटीवी, ड्रोन एवं तकनीकी निगरानी संबंधी निर्देश

 मंदिर परिसर, यात्रा मार्ग, घाटों, पार्किंग स्थलों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर स्थापित समस्त सीसीटीवी कैमरों की पर्व से पूर्व तकनीकी जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। प्रत्येक कैमरे की रिकॉर्डिंग, एंगल, फोकस एवं नाइट विजन क्षमता का परीक्षण किया जाए। खराब पाए जाने वाले कैमरों को तत्काल ठीक कराया जाए।

 कंट्रोल रूम में अनुभवी कार्मिकों की 24×7 शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाए। प्रत्येक मॉनिटरिंग अधिकारी को संदिग्ध गतिविधि की पहचान एवं त्वरित प्रतिक्रिया की स्पष्ट ब्रीफिंग दी जाए। किसी भी असामान्य गतिविधि पर तत्काल संबंधित फील्ड यूनिट को सूचित किया जाए। प्रत्येक घटना का समयवार लॉग में अंकन किया जाए।

 भीड़ के वास्तविक समय आकलन हेतु ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाए। ड्रोन से प्राप्त दृश्य के आधार पर भीड़ घनत्व वाले स्थानों की पहचान कर अतिरिक्त बल की तैनाती की जाए। ड्रोन संचालन डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। संवेदनशील स्थानों की फुटेज सुरक्षित रखी जाए।

 मंदिर के प्रवेश-निकास द्वारों, दानपात्र क्षेत्र, कतारबद्ध मार्ग एवं वीआईपी कॉरिडोर पर विशेष हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे सक्रिय रखे जाएं। इन क्षेत्रों की फुटेज की निरंतर निगरानी की जाए। किसी भी धक्का-मुक्की या अव्यवस्था पर तुरंत हस्तक्षेप किया जाए।

 कंट्रोल रूम का निरीक्षण प्रतिदिन वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किया जाए। मॉनिटरिंग की गुणवत्ता, कर्मियों की सजगता एवं रिकॉर्डिंग व्यवस्था की समीक्षा की जाए। कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक निर्देश दिए जाएं।

 ड्रोन एवं सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से यातायात दबाव एवं भीड़ प्रवाह का विश्लेषण कर फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया जाए। आवश्यकतानुसार मार्ग परिवर्तन या प्रवेश अस्थायी रूप से रोका जाए।

05. अफवाह निरोधक एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग संबंधी निर्देश

 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को 24×7 सक्रिय रखा जाए। फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, यूट्यूब एवं व्हाट्सएप समूहों पर सतत निगरानी रखी जाए। पर्व से संबंधित कीवर्ड पर विशेष अलर्ट सेट किए जाएं।

 किसी भी भ्रामक, उत्तेजक या सांप्रदायिक पोस्ट की पहचान होते ही उसका स्क्रीनशॉट एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किया जाए। संबंधित व्यक्ति की पहचान कर तत्काल विधिक कार्रवाई प्रारंभ की जाए।

 अधिकृत पुलिस हैंडल से समय-समय पर सत्यापित सूचना जारी की जाए। यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा संबंधी अपडेट नियमित रूप से साझा किए जाएं।

 अफवाह फैलने की स्थिति में त्वरित खंडन जारी किया जाए। मीडिया एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सही सूचना का व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

 साइबर सेल द्वारा संवेदनशील कंटेंट की ट्रैकिंग कर स्रोत की पहचान की जाए। आवश्यक होने पर आईटी एक्ट एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जाए।

 स्थानीय मीडिया संस्थानों से समन्वय स्थापित कर जिम्मेदार रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। अपुष्ट समाचारों के प्रसारण से बचने हेतु अनुरोध किया जाए।

 व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को चेतावनी दी जाए कि अपुष्ट या भ्रामक संदेश प्रसारित न होने दें। नियम उल्लंघन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 संवेदनशील क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से जनसामान्य को अफवाहों से बचने की अपील की जाए।

 प्रतिदिन सोशल मीडिया विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्तुत की जाए।

 किसी भी अफवाह के कारण उत्पन्न संभावित कानून-व्यवस्था समस्या की स्थिति में फील्ड बल को तत्काल अलर्ट किया जाए।

06. आपातकालीन, चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन संबंधी निर्देश

 प्रमुख स्थलों पर अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएं जहाँ प्रशिक्षित डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहें। प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 एम्बुलेंस को रणनीतिक स्थानों पर तैनात कर वायरलेस सेट से जोड़ा जाए। किसी भी आपात सूचना पर अधिकतम 5 मिनट में प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।

 अग्निशमन विभाग से समन्वय कर फायर टेंडर एवं फायर कर्मियों की तैनाती की जाए। अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की जाए।

 भगदड़ या आग जैसी स्थिति से निपटने हेतु मॉक ड्रिल आयोजित की जाए। सभी कर्मियों को आपदा प्रतिक्रिया प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।

 आपातकालीन निकास मार्गों को पूर्णतः अवरोध मुक्त रखा जाए। इन मार्गों पर किसी प्रकार की दुकान या अवरोध न हो।

 भीड़ अधिक होने वाले स्थानों पर पानी एवं विश्राम की व्यवस्था की जाए। इससे स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक घटनाएं कम होंगी।

 नियंत्रण कक्ष में आपातकालीन समन्वय अधिकारी नामित किया जाए।

 किसी भी दुर्घटना की स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करने हेतु अतिरिक्त बल तत्काल भेजा जाए।

 आपदा की स्थिति में मीडिया को नियंत्रित एवं सत्यापित सूचना ही दी जाए।

07. समन्वय, ब्रीफिंग एवं उत्तरदायित्व निर्धारण संबंधी विस्तृत निर्देश

 पर्व के पूर्व समस्त संबंधित विभागों-पुलिस, मंदिर प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत, अग्निशमन एवं परिवहन विभाग-की संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की जाए। बैठक में प्रत्येक विभाग की भूमिका स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए। कार्यों का लिखित विभाजन कर हस्ताक्षरित कार्ययोजना तैयार की जाए। किसी भी बिंदु पर भ्रम की स्थिति न रहे।

 समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विस्तृत ड्यूटी चार्ट तैयार कर जारी किया जाए। प्रत्येक कर्मी को उसकी तैनाती स्थल, ड्यूटी समय एवं उत्तरदायित्व स्पष्ट रूप से बताया जाए। ड्यूटी चार्ट की प्रति संबंधित थाना एवं कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहे।

 ड्यूटी प्रारंभ होने से पूर्व सभी कर्मियों की अनिवार्य ब्रीफिंग की जाए। ब्रीफिंग में भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था एवं आचरण संबंधी निर्देश दिए जाएं। प्रत्येक कर्मी को यह स्पष्ट किया जाए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

 प्रत्येक जोन/सेक्टर में एक वरिष्ठ अधिकारी को सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया जाए। वह अधिकारी अपने क्षेत्र की समस्त व्यवस्थाओं की प्रत्यक्ष निगरानी करेगा। किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराएगा।

 मंदिर प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय स्थापित रखा जाए। दर्शन समय, वीआईपी मूवमेंट, विशेष अनुष्ठानों एवं संभावित भीड़ वृद्धि की सूचना समय रहते पुलिस विभाग को उपलब्ध कराई जाए। संयुक्त निर्णय प्रणाली अपनाई जाए।

 सभी अधिकारी वायरलेस/मोबाइल संचार के माध्यम से निरंतर संपर्क में रहें। संचार तंत्र में किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक संचार माध्यम भी सक्रिय रखे जाएं। प्रत्येक महत्वपूर्ण सूचना का रिकॉर्ड रखा जाए।

 ड्यूटी के दौरान अनुशासन, शिष्टाचार एवं संवेदनशील व्यवहार बनाए रखा जाए।

 श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करते हुए व्यवस्था बनाए रखी जाए। किसी भी शिकायत का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

 थाना प्रभारी की गई तैयारियों का भौतिक सत्यापन करेगा। सत्यापन उपरांत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

 आवश्यकतानुसार बल की पुनः तैनाती अथवा अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

 यात्रा मार्ग, मंदिर परिसर, घाटों एवं आसपास की गलियों में स्थित समस्त खुले एवं झूलते विद्युत तारों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। प्रत्येक जोखिम बिंदु का फोटो सहित दस्तावेजीकरण किया जाए। सूची तैयार कर संबंधित विभाग को उपलब्ध कराई जाए।

 संबंधित विद्युत वितरण खंड/नगर निगम को तत्काल औपचारिक पत्राचार कर निर्देशित किया जाए कि सभी खुले तारों को मानकानुसार ऊँचाई पर व्यवस्थित किया जाए।

 असुरक्षित तारों को इन्सुलेट कर सुरक्षित कवरिंग की जाए। कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए।

 अस्थायी दुकानों, पंडालों, प्रकाश सज्जा एवं जनरेटर कनेक्शनों की तकनीकी जांच की जाए।

 रंगभरी एकादशी पर्व के दृष्टिगत समस्त यात्रा मार्ग, मंदिर परिक्षेत्र, घाटों, प्रमुख गलियों एवं संवेदनशील स्थानों का संयुक्त सर्वेक्षण पुलिस एवं नगर निगम की टीम द्वारा तत्काल कराया जाए। सर्वेक्षण के दौरान स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमणों का चिन्हांकन कर सूची तैयार की जाए।

 जिन स्थानों पर ठेला, खोमचा, अस्थायी दुकान, निर्माण सामग्री, बांस-बल्लियां अथवा अन्य अवरोध मार्ग में पाए जाएं, उन्हें नियमानुसार तत्काल हटाया जाए। विशेष रूप से संकरे मार्गों एवं आपातकालीन निकास मार्गों को पूर्णतः अवरोध मुक्त रखा जाए।

 अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही पूर्व सूचना के साथ की जाए, जिससे अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। आवश्यक होने पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में अभियान चलाया जाए।

 घाटों, सीढ़ियों एवं नदी तट क्षेत्र में किए गए अस्थायी अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए। स्नान एवं आवागमन मार्ग सुरक्षित एवं सुगम बनाए जाएं।

अपर पुलिस आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण सतर्कता, अनुशासन एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, जिससे पर्व सकुशल एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो सके।

जनसामान्य हेतु अपील

रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर कमिश्नरेट वाराणसी समस्त श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से अपील करता है कि पर्व के दौरान शांति, सौहार्द एवं अनुशासन बनाए रखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें। दर्शन हेतु निर्धारित मार्गों एवं कतार व्यवस्था का अनुपालन करें तथा किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की अथवा अव्यवस्था उत्पन्न न होने दें। यातायात डायवर्जन योजना का सम्मान करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में वाहन प्रवेश से बचें। किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट सूचना पर ध्यान न दें तथा संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु या असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस कर्मी या कंट्रोल रूम को दें। खुले विद्युत तारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। अपने बच्चों, वृद्धजनों एवं महिलाओं का विशेष ध्यान रखें तथा उन्हें भीड़ से अलग न होने दें। अतिक्रमण, अवैध पार्किंग या अवरोध उत्पन्न करने से बचें और प्रशासनिक कार्यवाही में सहयोग करें। आयोजकों एवं स्वयंसेवकों के साथ समन्वय बनाकर शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखें। आपका सहयोग ही पर्व को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सफल बनाने में सहायक होगा।

 

सोशल मीडिया सेल

कार्यालय अपर पुलिस आयुक्त,

काननू-व्यवस्था एवं मुख्यालय,

कमिश्ननरेट वाराणसी।

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