शिक्षक हुंकार: चिरईगांव में TET अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन, 26 फरवरी को बड़ी घेराबंदी

वाराणसी | 24 फरवरी, 2026
जनपद के चिरईगांव ब्लॉक सहित समस्त क्षेत्रों में आज दूसरे दिन भी शिक्षकों का आक्रोश सड़कों और विद्यालयों में दिखाई दिया। टीएफ़आई (TFI) के बैनर तले एकजुट हुए विभिन्न शिक्षक संगठनों ने ‘टैट (TET) अनिवार्यता’ के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है।
विरोध का स्वरूप: बाहों पर काली पट्टी

उत्तरप्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षणिक महासंघ और महिला शिक्षक संघ के संयुक्त आह्वान पर आज सभी प्राथमिक, जूनियर और कंपोजिट विद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। यह शांतिपूर्ण लेकिन कड़ा विरोध शासन की नीतियों के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है।
अस्तित्व की लड़ाई: ज्योति भूषण त्रिपाठी
वरिष्ठ शिक्षक नेता श्री ज्योति भूषण त्रिपाठी ने इस एकजुटता को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “यह हमारे अस्तित्व और संवर्ग को बचाने की लड़ाई है। पहली बार सभी मान्यता प्राप्त संगठन एक मंच पर हैं। यदि सरकार ने अध्यादेश लाकर इस अनिवार्यता को समाप्त नहीं किया, तो हम पीछे नहीं हटेंगे।”
आगामी रणनीति: 26 फरवरी को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन
शिक्षक नेताओं ने आगामी विरोध प्रदर्शन का खाका तैयार कर लिया है:
26 फरवरी: जनपद के समस्त शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय पर एकत्र होंगे।
पैदल मार्च: कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
दिल्ली कूच: यदि मार्च के मध्य तक समाधान नहीं निकला, तो शिक्षक आर-पार की लड़ाई के लिए दिल्ली कूच करेंगे।
जनसंपर्क अभियान तेज़
आज चिरईगांव में ज्योति भूषण त्रिपाठी, रवीन्द्रनाथ यादव, शैलेन्द्र पांडेय, पार्थेश्वर पांडेय, राजीव कुमार उपाध्याय, विनोद कुमार श्रीवास्तव सहित महिला विंग की रश्मि त्रिपाठी, पूनम मिश्रा, सरिता पांडेय और कल्पना तिवारी ने विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण किया। उन्होंने 26 फरवरी के प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए शिक्षकों से शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की।







