Saturday, April 18, 2026

वाराणसी की बेटी शशिकला मौर्या ने कराटे में जीता रजत पदक, दीनापुर गांव और पूरे प्रदेश का बढ़ाया मान

 

वाराणसी चिरईगांव।प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती। जब हौसले बुलंद हों और इरादों में जान हो, तो गांव की पगडंडियों से निकलकर देश की राजधानी तक का सफर शान से तय किया जा सकता है। वाराणसी जिले के चिरईगांव ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा दीनापुर की रहने वाली होनहार बेटी शशिकला मौर्या ने इस बात को शत-प्रतिशत सच कर दिखाया है।

श्री राम प्रकाश मौर्य की सुपुत्री शशिकला ने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रतियोगिता में अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अंडर-21 (Under-21) आयु वर्ग में रजत पदक जीतकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

कड़े संघर्ष से हासिल किया मुकाम
शशिकला का यह सफर आसान नहीं था। नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में देश भर से कई बेहतरीन और अनुभवी कराटे खिलाड़ियों का जमावड़ा लगा था। इन सबके बीच, उत्तर प्रदेश (UP) टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए शशिकला ने अपने खेल कौशल, चपलता और रणनीतिक सूझबूझ का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने एक के बाद एक कड़े मुकाबलों में अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। इस रजत पदक ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली युवा लड़कियां अगर ठान लें, तो राष्ट्रीय पटल पर भी अपनी चमक बिखेर सकती हैं।

कांग्रेस नेताओं ने माल्यार्पण कर बढ़ाया मनोबल
शशिकला की इस अभूतपूर्व सफलता की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव दीनापुर और चिरईगांव ब्लॉक में पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। इस गौरवमयी उपलब्धि पर शशिकला का उत्साहवर्धन करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए स्थानीय कांग्रेस नेताओं का एक दल उनके आवास पर पहुंचा।

इस सम्मान समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

श्री मयंक मिश्रा (अध्यक्ष, चिरईगांव ब्लॉक)

श्री अशोक कुमार सिंह (अधिवक्ता एवं जिला उपाध्यक्ष)

श्री राजीव राम उर्फ राजू राम (जिला उपाध्यक्ष)

श्री वीरेंद्र सिंह (जिला महासचिव)

श्री जोगेंद्र प्रताप सिंह (जिला महासचिव)
श्री रतन लाल सेठ (न्याय पंचायत अध्यक्ष सिंधौरा)

सभी गणमान्य कांग्रेसी नेताओं ने शशिकला को फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया और पीठ थपथपाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। नेताओं ने कहा कि शशिकला ने न केवल अपने गांव बल्कि पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। इस सम्मान से खिलाड़ी का मनोबल कई गुना बढ़ गया है।

परिवार और गांव में खुशी का माहौल
शशिकला की इस कामयाबी से उनके पिता राम प्रकाश मौर्य और पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। सीमित संसाधनों के बावजूद, परिवार ने हमेशा बेटी के खेल का समर्थन किया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। घर पर बधाई देने वालों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है। गांव वालों का भी सीना चौड़ा हो गया है कि उनके बीच की एक बेटी ने दिल्ली जाकर ऐसा कमाल किया है।

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