पीडीडीयू नगर (चंदौली): डीडीयू रेल मंडल में आरपीएफ ने बाल तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री दिनेश सिंह तोमर के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए आरपीएफ डीडीयू और ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की टीम ने 06 नाबालिग बच्चों को तस्कर के चंगुल से मुक्त कराया है।
प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर हुई छापेमारी

16 मार्च 2026 को आरपीएफ पोस्ट डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में टीम ने गाड़ी संख्या 22948 UP (भागलपुर – सूरत एक्सप्रेस) के डीडीयू जंक्शन पहुंचने पर प्लेटफार्म संख्या 07 पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ट्रेन के पीछे वाले जनरल कोच से एक संदिग्ध व्यक्ति, जिसकी पहचान दिनेश मंडल (निवासी: जिला गोड्डा, झारखंड) के रूप में हुई, को 06 नाबालिगों के साथ पकड़ा गया।
12 घंटे मजदूरी और पैसों का लालच

काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि वे सभी झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले हैं। तस्कर ने बच्चों और उनके माता-पिता को पैसों का लालच देकर गुजरात के वड़ोदरा ले जाने की योजना बनाई थी।
- कार्य: सोलर प्लांट में मजदूरी।
- शर्त: प्रतिदिन 12 घंटे काम।
- प्रलोभन: ₹18,000 प्रति माह वेतन।
तस्कर इन बच्चों को अपने खर्च पर गोड्डा से भागलपुर लाया और वहां से वड़ोदरा की जनरल टिकट लेकर ले जा रहा था।
कानूनी कार्रवाई और रेस्क्यू
मामला बाल तस्करी (Human Trafficking) का पाए जाने पर आरपीएफ ने BNSS की धारा 105 के तहत वीडियोग्राफी कराते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।
- बच्चों की सुरक्षा: सभी नाबालिगों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क/डीडीयू को सुपुर्द किया गया है।
- आरोपी पर कार्रवाई: बाल तस्कर को अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु कोतवाली मुगलसराय के हवाले कर दिया गया है।
टीम में शामिल सदस्य
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य शामिल रहे:
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- RPF डीडीयू: उप निरीक्षक शीतला प्रसाद, अमरजीत दास, सहायक उप निरीक्षक राकेश सिंह, आरक्षी विनोद कुमार भारती और एस. के. त्रिपाठी।
- बचपन बचाओ आंदोलन: सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती चंदा गुप्ता।
संदेश: रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ अपराध मुक्त समाज के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेल मदद या आरपीएफ को दें।





