विकास में रोड़ा: बभनपुरा ग्राम प्रधान पर ‘दबंगई’ का आरोप निराधार, सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज रास्ते को मुक्त कराने की मांग
वाराणसी (चिरईगांव): विकास कार्यों को बाधित करने और जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने का एक नया मामला चिरईगांव ब्लॉक के बभनपुरा ग्राम सभा से सामने आया है। यहाँ श्रेणी 6(2) की आबादी भूमि पर दर्ज पुराने सार्वजनिक रास्ते को बहाल करने का प्रयास कर रहे ग्राम प्रधान श्री वसंत कुमार सिंह के विरुद्ध कुछ प्रभावशाली तत्वों द्वारा भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।
दशकों पुराना है विवाद
यह मामला ‘छेदी सिंह के घर से भदन तिवारी के घर तक’ जाने वाले रास्ते का है। अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 2006-07 में इस पर खड़ंजा निर्माण कराया गया था, जिसे बाद में असामाजिक तत्वों ने उखाड़ फेंका। वर्तमान प्रधान द्वारा जनहित में इसे दोबारा बनवाने की पहल को ‘दबंगई’ का नाम देकर दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासनिक शिथिलता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि 22 मार्च 2026 को एसडीएम के स्पष्ट आदेश के बावजूद राजस्व टीम ने गांव पहुंचने से पहले ही पुलिस बल को आधे रास्ते से वापस भेज दिया। इस रहस्यमयी घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम प्रधान का पक्ष
प्रधान वसंत कुमार सिंह का कहना है कि वे केवल सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहते हैं। उनके विरुद्ध किए जा रहे दुष्प्रचार का उद्देश्य केवल विकास कार्यों को रोकना है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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