Friday, August 29, 2025

उत्तरप्रदेश में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सको के शीघ्र पंजीकरण की मांग 12 सितंबर 2021, यू0 पी0

उत्तरप्रदेश में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सको के शीघ्र पंजीकरण की मांग

12 सितंबर 2021, यू0 पी0 नेचुरोपैथी एंड योग टीचर्स एंड फिजिशियन एसोसिएशन, लखनऊ के तत्वावधान में वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता डॉ0 अमरजीत यादव द्वारा की गई। बैठक के दौरान डॉ0 यादव ने बताया कि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा भारत वर्ष की अत्यंत प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, यह चिकित्सा पद्धति व्यक्ति के तन मन दोनो पर प्रभावी है।
योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा व्यक्ति की इम्युनिटी बढ़ाने का अचूक माध्यम है,योग चिकित्सा के आसन, प्राणायाम, षट्कर्म तथा ध्यान का अभ्यास करने से शरीर मे चेतना का संतुलन बना रहता है। जीवन दायिनी प्राणवायु का निर्वाध गति से प्रवाह होने लगता है, और शरीर की वाह्य संक्रमण से रक्षा होती है, सूर्य किरण चिकित्सा, जल चिकित्सा तथा आहार चिकित्सा शरीर के तत्वों को संतुलित करके रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करती है। वर्तमान कोरोना संकट में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर साबित हुए है, तथा वैज्ञानिको , वरिष्ठ चिकित्सको, शोध संस्थानों, चिकित्सालयो द्वारा भी कोरोना से बचाव हेतु योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाने की सलाह दी जा रही है।
देश की ढेर सारी जनसंख्या इन पुरातन पद्यतियों को अपनाकर कोरोना काल मे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही है।
इस संगोष्ठी के दौरान डॉ0 यादव ने यह भी बताया कि उ0 प्र0 में अन्य पद्यतियों की तरह योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के लिये सरकारी स्तर पर नियमावली नही बनाई गई है , जिसके कारण योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को चिकित्सा अभ्यास करने में कठिनाई आ रही थी, इस दशा में मेरे द्वारा मा0 इलाहाबाद, उच्च न्यायालय खंडपीठ, लखनऊ में एक मुकदमा दायर किया गया था तथा मा0 न्यायालय के समक्ष मैंने गुहार लगाई थी ,कि मा0 न्यायालय, उ0 प्र0 सरकार को योग एवं प्राकृतिक चिकित्साको के पंजीकरण एवं संबंधित संस्थाओं की मान्यता हेतु नियमावली बनाने के लिए निर्देश दे।
डॉ0 यादव ने बताया कि मा0 उच्च न्यायालय ने उ0 प्र0 सरकार को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की नियमावली बनाने हेतु आदेश प्रदान कर दिया गया था। इस आदेश के अनुपालन के क्रम में एक समिति का गठन किया गया जिसमें मैं भी सदस्य नामित हूँ। समिति की कई बैठकों के उपरांत समिति की संस्तुति संबंधित प्राधिकारी को उपलब्ध करा दी गयी है। जिस पर कार्यवाही गतिमान है।
राज्य सरकार से यह अनुरोध है कि नियमानुसार योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एवं शिक्षा के लिये नियमावली निर्मित करे और प्रदेश में हजारों की संख्या में मौजूद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सको सरकारी स्तर पर पंजीकृत किया जाए तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की संस्थाओं की मान्यता से सम्बंधित कार्यवाही भी प्रारंभ किया जाए तथा इस क्षेत्र में रेगुलर पदों का सृजन किया जाए।
इस वर्चुअल संगोष्ठी में ऐसोसियेशन के पदाधिकारी डॉ0 सोहन राज तातेड़, डॉ0 वी0 के0 ओहरी, डॉ एम सी आर्या जी ,डॉ सौरभ उपाध्याय,दीपा श्रीवास्तव,तथा भारी संख्या में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के विद्यार्थियों एव विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

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