श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया निर्जला जीवित्पुत्रिका व्रत
▪️सनातन धर्म के मतानुसार संतान के दीर्घायु कामना हेतु निर्जला जीवित्पुत्रिका व्रत बेहद अहम माना जाता है,
▪️ व्रती महिलाओ ने दूसरे दिन मुहूर्त के अनुसार गुरुवार को व्रत का किया पारण,
रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)
कोतवाली थाना क्षेत्र के मधुपुर बाजार के बाईपास रोड पर स्थित विशाल पोखरे पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत मनाया गया।![]()

इस व्रत को जीवित्पुत्रिका उर्फ जिउतिया कहा जाता है। इस व्रत में सभी माताएं अपने अपने बच्चों के दीर्घायु, आरोग्य व सुखमय जीवन यापन करने हेतु निर्जला व्रत रहती हैं। सप्तमी तिथि को नहाने खाने के बाद अष्टमी तिथि को महिलाएं अपने अपने बच्चों के सुख, शांति, समृद्धि व उन्नत हेतु निर्जला व्रत रखकर माताएं अपने बच्चों के संख्या के अनुसार प्रति बच्चे पर प्रति डाल को विभिन्न प्रकारों के फलों से भरकर पंचांग के समयानुसार, क्षेत्रवार सुविधानुसार गंगा के किनारे या पोखरे पर माताएं इकट्ठा होकर पूजन पाठ के पश्चात घर जाकर निर्जला व्रत रखकर दूसरे दिन सूर्योदय होने के बाद गुरुवार को जल ग्रहण कर ब्रति महिलाओं ने व्रत का पारण किया।
Up18news se Anand Prakash Tiwari ki report





