Friday, August 29, 2025

काली शंकर उपाध्याय की कलम से आज 2 अक्टूबर का दिन है और देश के दो महान विभूतियों का जन्मदिवस है लेकिन ?

आज 2 अक्टूबर का दिन है और देश के दो महान विभूतियों का जन्म दिवस भी है, बहुत अच्छा दिवस है और लोगों को मनाना भी चाहिए लेकिन कहीं ना कहीं एक कसक दिल और दिमाग में हमेशा रहती है की भारत देश के लिए जिन शहीदों ने आजादी की लड़ाई लड़ी अपना घर अपना परिवार छोड़कर अंग्रेजों की गोली के शिकार हुए या खुद अपने आप को गोली मार ली उनका अधिकार क्यों नहीं मिला उन्हें,  क्या उनको सहीद की उपाधि भी नही दी जा सकती है, भारत जैसे महान देश में कोई भी क्रांतिकारी अपने देश के लिए मरता है तो क्या उसका या उसके परिवार का जो अधिकार है या जन्मदिवस नही या सहीद की उपाधि क्यो नही क्या भारत जैसे महान देश में ऐसा नही हो सकता ? चंद्र शेखर आजाद सुभाष चंद्र बोस भगत सिंह अशफाक उल्ला खान जैसे महान क्रांतिकारियों को जन्म दिवस क्यों नहीं मनाया जाता है अगर यही भारत देश की महान है तो कहीं न कहीं इस महान महान देश में अगर इन क्रांतिकारियों का जन्म दिवस मनाया जाने लगे और इनको इन का अधिकार मिलने लगे तो शहीद भारत के हर घर से क्रान्तिकारी विचार धारा के नव जवान निकलेंगे , भारत देश को अंग्रेजों के चंगुल से छुड़ाने के लिए अपनी जान के भी बाजी लगा देने वाले इन क्रांतिकारियों को आज तक न तो शहीद का दर्जा मिला और ना ही इनके परिवार को कोई विशेष और का भत्ता आखिरकार क्रांतिकारी विचारधारा रखने वाले लोगों के साथ ऐसे ओछल  हरकत कब तक बड़े बड़े नेता क्यो इनको इनको सहीद का दर्जा नही दिला पाए यह एक बहुत बड़ा सवाल है , इसी के साथ अपनी कलम को मैं विराम देता हूं सब को मेरा सादर प्रणाम।

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir