पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा द्वारा अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर तहसील प्रांगण सोनभद्र मे प्रदर्शन कर अलग राज्य की मांग की
रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)
संगठन प्रमुख पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक की सभी सरकारों में पूर्वांचल का दबदबा रहने के बावजूद इस हिस्से की खूब उपेक्षा हुई है। यहां तक कि उद्योग,पर्यटन,कृषि आदि की अपार संभावनाएं है फिर भी इसका लाभ पूर्वांचल को अब तक नहीं मिल पाया है।बिना अलग राज्य हुए मिल पाना संभव भी नहीं है। अभी भी पूर्वांचल की आबादी कई प्रदेशों की आबादी से भी अधिक है, लेकिन विकास के मामले में शून्य है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने उप्र के विभाजन की बात तब कही थी जब इस प्रदेश की आबादी मात्र 6 करोड ही थी। आज आबदी 23 करोड के पार है। अब कम से कम इसका तीन प्रदेशों में विभाजन न केवल वक्त की मांग है,अपरिहार्य भी है।उप्र के बंटवारे की आवाज पूर्व में कई बार उठ चुकी है। इसलिए इस समय की जरूरत है कि पूर्वांचल राज्य को अलग किया जाए !
मोर्चा के जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश चौबे उर्फ राजू चौबे ने कहा कि पूर्वांचल की आबादी की बात करें तो असम, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक केरल सहित कई प्रदेश ऐसे हैं जिनकी आबादी पूर्वांचल के 27 जिलों की कुल आबादी से कम है। इस अविकसित क्षेत्र की आबादी करीब सवा नौ करोड़ है और यहां प्रति वर्ग किमी 7.55 व्यक्ति का भार है।यूपी के वुद्धिजीवी भी मानने लगे हैं कि इतने बड़े सूबे में बेरोजगारी, स्वास्थ्य संकट,गरीबी,उच्च शिक्षा के अभाव आदि से निपटने के लिए यूपी का बंटवारा ही एक उपाय है।
संचालन अशोक कुमार कनौजिया एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर काकू सिंह प्रदेश प्रवक्ता पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा, कैलाश सिंह एडवोकेट, चंद्रपाल शुक्ला एडवोकेट, संतोष चतुर्वेदी, काकू सिंह, बी पी सिंह एडवोकेट, फूल सिंह एडवोकेट, संतोष चतुर्वेदी पवन कुमार द्विवेदी एडवोकेट, आदि लोग उपस्थित थे !
Up 18 news report by Anand Prakash Tiwari