भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी व महामना जी की जयंती पर हुआ कवि सम्मेलन व संगोष्ठी व सम्मान समारोह-
👉🏿अटल रत्न व महामना गौरव अलंकरण से हुआ विभूतियों का सम्मान-
वाराणसी, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेयी व महामना पण्डित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती पर सामाजिक व साहित्यिक संस्था रस वर्षा संस्थान एवं नव निर्माण सेवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी, कवि सम्मेलन व अटल रत्न , महामना गौरव अलंकरण का भव्य आयोजन लंका स्थित होटल किंग्स बनारस में किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोवा सरकार के पूर्व मुख्य सचिव राजेश कुमार श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि समाजसेवी विक्रम भारद्वाज, व गुजराती फ़िल्म अभिनेता राकेश पांडये रहे। शुरुआत में अतिथियों द्वारा भारत रत्न अटल जी व महामना जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हास्य कवि डॉ चकाचौंध ज्ञानपुरी ने किया। अतिथियों का स्वागत नव निर्माण सेवा ट्रस्ट की अध्यक्षा श्रीमती नूतन सिंह व समाजसेवी राजेश मिश्रा ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह , प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कवि सम्मेलन की शुरुआत कवि इंद्रजीत तिवारी निर्भीक के प्रमुख संयोजन व संचालन से हुआ।
कवि चपाचप बनारसी ने – राम ना बिगड़िहे जेकर ,केहू का बिगाड़ी…..,प्रज्ञा श्रीवास्तव ने मां की ममता का कोई जोड़ नहीं,
मां से ज्यादा करता कोई सहयोग नहीं…, सुखमंगल सिंह मंगल ने ना मांग किसी और से, उषा की रशिमयां….
सुना कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध बना दिया। इस अपने क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दे वाले विशिष्टजनों को अटल रत्न अलंकरण जिसे प्रख्यात अवधूत उग्र चन्डेश्वर कपाली बाबा,गायिका मोहिनी मिश्रा, डॉ कामेश्वर उपाध्याय, डॉ कामिनी अग्रवाल,डॉ सुधीर कुमार मिश्रा, सैय्यद इतरत हुसैन, राजन तिवारी, बाल कलाकार अर्नव गुप्ता, फ़िल्म अभिनेता राकेश पांडये, दीपक अस्थाना एवं महामना गौरव अलंकरण से रघुवीर सिंह, प्रो डॉ एस के अग्रवाल, सुशिल कुमार मिश्रा, डॉ दशरथ पवार, अंजलि अग्रवाल, मोहिनी मिश्रा, शारदा मिश्रा, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजेश मिश्रा ने तथा अंत मे धन्यवाद ज्ञापन प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से रमेश चंद्र पांडये, राणा शेरू सिंह, काली शंकर उपाध्याय, चिंतित बनारसी, गौरव केशरी, डॉ पवन दुबे, श्रीमती मीना मिश्रा, साधना निगम, सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।