आठ द्विसीय अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ राम कथा आयोजन में आज द्वितीय दिवस की राम कथा सम्पन्न हुई
करमा /सोनभद्र
किसान सेवा सहकारी संघ केकराही के प्रांगण में
द्वितीय दिवस की रामकथा में मानस माधुरी साध्वी ऋचा शुक्ला ने श्रोताओं को शिव कथा की ज्ञान गंगा में स्नान कराते हुए कुम्भज ऋषि द्वारा शिव जी की कथा सुनने और सती जी के कथा न सुनने का वर्णन किया।
भगवान शिव कैलाश से कुम्भज ऋषि के आश्रम सती जी के साथ राम कथा सुनने गए, शिव जी ने तो कथा सुनी परन्तु माता सती ने कथा नहीं सुनी क्योंकि
सती जी के मन में संदेह उत्पन्न हो गया कि घड़े से पैदा हुआ व्यक्ति क्या कथा सुनाएगा क्योंकि रामकथा तो अथाह समुद्र है,और
उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि जो व्यक्ति स्वयं हम लोगों को प्रणाम और वंदन कर रहा है ,वह हमें क्या कथा सुनाएगा।फिर सोचा कि
कथा हम घर पर ही सुन लेते हैं, यहां सुनने की क्या जरूरत है।
अगला कारण – स्त्री स्वभाव,और
पंचम कारण – दक्ष (बुद्धिमान) की बेटी बुद्धि है अतः बुद्धि से राम को नहीं जाना जा सकता।
इन्हीं सब कारणों से सती जी ने कथा नहीं सुनी। अथार्थ शिव जी ने कथा सुनी तो उन्हें राम जी से स्नेह हुआ और सती ने नहीं सुनी तो उन्हें संदेह हुआ। ततपश्चात कथा सम्राट ध्रुव जी अयोध्या से पधारे अपने दूसरे दिन के राम कथा की ज्ञान गंगा में श्रोताओं को डुबकी लगवाते हुए कहा कि हमें दो चीजें नहीं छोड़ना चाहिए पहला आतिथ्य सत्कार,दूसरा अपना धर्म ।क्योंकि जब विश्वामित्र जी पधारे थे तो अयोध्या के राजा दशरथ ने उनका अनेक प्रकार से सत्कार किया था ।और जहाँ तक धर्म की बात आती है तो दशरथ के बंशज रहे हरिश्चंद्र जी ने अपने धर्म की रक्षार्थ खुद को डोम के हाथों बिक कर श्मशान घाट की रखवाली करने लगे।अपने बेटे को दक्षिणा चुकाने के लिए बेश्या के हाथों बेच दिया।और धर्मरक्षार्थ अपने पत्नी तारा को एक बृद्ध ब्राम्हण के हाथों बेच दिया।अपने राजधानी का त्याग कर दिया।परंतु धर्म को ठेस पहुंचने नहीं दिया।ध्रुव जी ने कहा कि इसी प्रकार से हमें भी अपने धर्म कर्म नहीं छोड़ना चाहिए। क्योंकि धर्म धन लाभ होता है, और धन बृद्धि होती है। फिर अभिषेकात्मक रुद्र महा यज्ञ की आरती गायन
अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ के यज्ञाचार्य पण्डित प्रशान्त त्रिपाठी, पण्डित हरिराम मिश्र द्वारा कराया गया आरती पूजन यजमान पूर्व प्रधान राजू केशरीएवं पत्नी आशा देबी के साथ किया गया ।इस अवसर पर समस्तआचार्यगण,ग्रामवासी,क्षेत्रवासी एवं राम अनुरागी भक्त काफी संख्या में उपस्थित रहे।
TTM news से चंद्र मोहन शुक्ला की रिपोर्ट