Friday, August 29, 2025

ऑनलाइन कार्यशाला ,केन्द्रीय बजट के पूर्व बजट पर चर्चा।

ऑनलाइन कार्यशाला ,केन्द्रीय बजट के पूर्व बजट पर चर्चा।

ओबरा(सोनभद्र)।राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय व भारतीय लेखा परिषद,मिर्जापुर शाखा, के संयुक्त तत्वाधान में ऑनलाइन कार्यशाला केंद्रीय बजट के पूर्व बजट पर चर्चा, बजट 2022- संभावनाएं विषय आयोजित किया गया।बजट पर चर्चा,
बजट 2022- संभावनाएं का मुख्य उद्देश्य भारतीय बजट को समझना तथा आने वाले बजट की संभावनाओं के ऊपर चर्चा करना था। इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए भारत के कोने कोने से लोगों की प्रतिभागी देखने को मिली। जिसमें देशभर के कुल 21 राज्यों के 321 लोगों ने प्रतिभाग किया I जिसमें 124 प्रोफेसर, 47 शोध छात्र-छात्रा व 150 छात्र-छात्रा उपस्थित रहें।कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यक्रम के संयोजक डॉ विकास कुमार,असिस्टेंट प्रोफेसर,डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स,राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा ने कार्यशाला में उपस्थित सभी विषय विशेषज्ञों,प्राचार्य,शोध छात्र-छात्राएं इन विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए किया।तत्पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रमोद कुमार ने यह कहां की बजट पर इस प्रकार का मंथन हम न्यूज़ चैनल व टीवी पर देखते हैं तथा उन्होंने डॉ शैलेश द्विवेदी व डॉ विकास कुमार को इस वृहद आयोजन के लिए बधाई दीI सभी विद्वान वक्ताओं ने आने वाले बजट पर अपनी अपनी बातों को रखा एवं यह समझाने की कोशिस किया तथा सरकार आने वाले समय में किस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था को एक मजबूत ऊँचाई पर ले जाने के लिए कार्य कर सकती है। चाहे वो शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर स्वास्थ्य का आज के इस करोना काल में ऐसी बुनियादी एवम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वित्तीय ध्यान देना आवश्यक है। कार्यक्रम में प्रथम वक्ता के रूप में पधारे प्रो एन.डी. माथुर,डीन,स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज,जेइसीआरसी यूनिवर्सिटी,जयपुर,राजस्थान,ने बजट में संभावना व्यक्त की रियल सेक्टर को जोकि 236 विभिन्न सेक्टर को अपने साथ लेकर चलता है को बढ़ावा दिया जा सकता है, तथा कहा इस बार के बजट में हाउसिंग लोन में छूट का प्रावधान रियल स्टेट को बढ़ाने में किया जा सकता तथा आयकर की न्यूनतम सीमा को बढ़ाया जा सकता।कार्यक्रम में द्वितीय वक्ता के रूप में पधारे प्रोफेसर जे के जैन,प्रोफेसर एंड हेड,डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स,हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर मध्य प्रदेश ने बजट के विभिन्न पहलुओं पर मंथन कर कोविड-19 व वैक्सीनेशनको ध्यान में रख,स्वास्थ्य पर अधिक खर्च की संभावना व्यक्त की तथा कहा इस बार के बजट में आयकर में 80 सी के प्रावधानों की सीमा को बढ़ाया जा सकता
तृतीय वक्ता के रूप में पधारे प्रोफेसर पवनेश कुमार,डीन,स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट साइंसेज, महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मोतीहारी,बिहार ने कहा कि इस कोरोना काल में घरेलू बजट सभी का बिगड़ गया है सरकार को रोजगार के अवसर प्रदान करने विनियोग व इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करते हुए रोजगार का सृजन की संभावना व्यक्त की  तथा कहा वर्क फ्रॉम होम,ऑनलाइन एजुकेशन,ऑनलाइन सेमिनार कॉन्फ्रेंस को बढ़ावा देने के लिए सरकार को टेलीकॉम में डाटा यूसेज के मूल्य में विशेष छूट देनी चाहिएI कार्यक्रम के अंत में संयोजक,डॉ शैलेश द्विवेदी, असिस्टेंट प्रोफेसर गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी व भारतीय लेखांकन परिषद,मिर्जापुर शाखा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन कियाI कार्यक्रम का संचालन,संयोजक शशांक श्रीवास्तव,शोध छात्र,आई आई एम,रायपुर ने किया।आयोजकों ने बताया कि 2 फरवरी को शाम को बजट के पश्चात बजट का विश्लेषण की भी कार्यशाला का आयोजन भारतीय लेखा परिषद के तत्वाधान में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैं किया जायेगा।

Up18news se chandramohan Shukla ki report

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