संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर लौंदा गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन
चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के मख़दूमाबाद- लौंदा गांव में मंगलवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि खुर्शीद प्रधान ने संत रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर वंदना के साथ किया। कार्यक्रम में एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता बबलू कुमार ने किया।
⚡खुर्शीद प्रधान ने कहा कि संत रविदास जी के द्वारा कहा गया यह कथन मन चंगा तो कठौती में गंगा’ सबसे ज्यादा प्रचलित है। जिसका अर्थ है कि अगर मन पवित्र है और जो अपना कार्य करते हुए, ईश्वर की भक्ति में तल्लीन रहते हैं उनके लिए उससे बढ़कर कोई तीर्थ नहीं है। जिन्होंने भगवान की भक्ति में समर्पित होने के साथ अपने सामाजिक और पारिवारिक कर्त्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया। इन्होंने आपस में प्रेम करने की शिक्षा दी और इसी तरह से वे भक्ति के मार्ग पर चलकर संत रविदास कहलाए। गुरु रविदास समता वादी क्रांति के जनक थे। उन्होंने छुआछूत, जात-पात, ऊंच-नीच और रुढिवादी परंपराओं का विरोध किया। कहा कि रविदास ने कुरीतियों को दूर करने के लिए सच और साहस को आधार बनाया। वही पूर्व जिला पंचायत सदस्य तिलकधारी बिंद ने कहा कि गुरु रविदास ने भक्ति मूवमेंट को अपनी भागीदारी से हर जगह प्रख्यात कर दिया था। गुरु रविदास के वचनों में इतनी ताकत थी कि लोग उनसे दूर-दूर से मिलने आते थे। कहा जाता है कि अपने भक्तिमय गानों और दोहों की वजह से उन्होंने भक्ति मूवमेंट के उपदेशों को लोगों तक पहुंचाया,कहा की मन अगर पवित्र है तो कहीं दूर जाकर पुजा करने की जरूरत नहीं है । घर पर ही पूरे सच्चाई के साथ पूजा कर सकते हैं। जयंती के अवसर पर जिसमें लोगों ने प्रसाद चखा। कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के अध्यापक विनोद कुमार, नन्हे नेता, नवाज अहमद, महेंद्र चौकीदार, परसू बीडीसी, संजय कुमार, हरिचन् राम आदि लोग उपस्थित रहे।
क्लाउन टाइम्स “ब्रेकिंग न्यूज़” चन्दौली