गेट मैन सोता ही रह गया खुले फाटक से धड़धड़ाते हुए निकल गई ट्रेन:-रविवार को आधी रात अयोध्या कैंट से वाराणसी की ओर जा रही यात्री टे्रन खुले फाटक से होकर धड़धड़ाते हुए गुजर गई। उस समय गेट मैन सो रहा था। गेट के पास कुछ लोगों के आवाज देने पर गेट मैन की आंख खुली और उसने ट्रेन के चले जाने के बाद गेट बन्द किया। संयोग रहा कि उस समय रेलवे क्रासिंग से होकर कोई वाहन नही गुजरा नही तो वहां एक बड़ी रेल दुर्घटना होने से इनकार नही किया जा सकता था। पूरी घटना को एक स्थानीय व्यक्ति ने अपने मोबाइल के कैमरे में शूट कर लिया। यह घटना रविवार को आधी रात के लगभग अयोध्या कैंट से वाराणसी रेल लाइन पर गेट नम्बर 112 बी पर घटित हुई। अयोध्या कैंट की ओर से वाराणसी की ओर जा रही यात्री टे्रन गेट से क्रास हो गयी। जब स्थानीय लोगों ने आवाज दी तो गेट मैन जागा और टे्रन के क्रास होने के बाद उसने गेट बन्द किया। इस सम्बन्ध में स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार से जानकारी की गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार करते हुए कहा कि गेट पर डयूटी एडीईएन लगाते हैं। हमें इससे कोई मतलब नही रहता। उनसे जब यह पूछा गया कि कौन सी टे्रन थी तो उन्होंने यह भी बताने से इनकार किया और कहा कि यदि खुले गेट से टे्रन क्रास हुई है तो ड्राइवर व गार्ड को शिकायत दर्ज करानी चाहिए। ऐसा नही किया गया तो हम कोई कार्रवाई भी नही कर सकते हैं। वैसे घटना को गेटमैन हजारी लाल ने सही माना है। उसने बताया कि वैसे तो यह गेट हर समय बन्द रखने का आदेश है किन्तु अधिक ट्रैफिक के कारण हमें गेट खोलना पड़ जाता है। जब कोई टे्रन पास होने वाली रहती है तो स्टेशन से घंटी आती है। रात में उसे घंटी उस समय मिली जब टे्रन क्रास हो गयी थी। मतलब यह कि स्टेशन की ओर से गेटमैन को घंटी समय से नही दी गई। भले ही एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गयी हो किन्तु रेल के जिम्मेदार किसी भी प्रकार का बयान देने से बचते व घटना पर पर्दा डालते दिखायी दे रहे हैं।