Friday, August 29, 2025

देख नाथ फजीहत मोरी …!

देख नाथ फजीहत मोरी …!

# उमश से भभक रहा कक्षा- कक्ष

विशेष संवाददाता द्वारा

सोनभद्र । मई माह में सोनांचल का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आस पास है । बिजली कटौती के बीच स्कूलों के भवन आग की भट्ठी की तरह भभक रहे हैं । ऐसे में 12 बजे तक बच्चों को पढ़ाने में शिक्षक पसीने -पसीने हो जा रहे हैं । स्कूलों में पंखे तो लगे है , लेकिन बिजली कहा रहती है ।

डेढ़ बजे तक अध्यापक तपते

रहते हैं । सरकारी फरमान है कि छात्रों की छुट्टी के बाद

अध्यापक डेढ़ घण्टे तक स्कूल में बने रहेंगे , साहब जांच के लिये जाएंगे । 80 प्रतिशत छात्र नहीं मिले तो नपेंगे शिक्षक और एबीएसए भी ।

शादी विवाह का एक तो मौसम दूसरे तबाही मचा रही गर्मी के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति 80 प्रतिशत करने में शिक्षक हाँफ जा रहे हैं ।

कहवा गइल लड़िकइया हो !

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बच्चों को ग्रीष्मावकाश के

पूर्व गृह कार्य देना है । सीबीएसई की नकल करते -करते अकल खराब हो गई है ।लखनऊ- दिल्ली के बहु मंजिले भवनों व बिजली आपूर्ति तथा बच्चों के आवागमन की सुविधाओं की

तुलना करने की जरूरत नही समझती ।

किसी ने कहा है —

ये दौलत भी ले लो ,

ये सोहरत भी ले लो ,

भले छीन लो चाहे मेरी जवानी।

मगर मुझको लौटा दो ,

वो बचपन का सावन ,

वो कागज की कश्ती ,

वो बारिस का पानी ।

वह भी क्या वक़्त था जब

बच्चे नानी के घर ननिहाल

जाते थे । नानी गीता ,

महाभारत और रामायण की कहानियां सुनाया करती थी । दादा -दादी बुझौअलि ,

संस्कार गीत , नाते रिश्तेदार , गोती दयाद गांव घर के सयनवा लोगों के बारे में बताते थे । बच्चों की अनौपचारिक शिक्षा एक मजबूत परिवार व सामाजिक

शिक्षा की नींव भरती थी । गांव गिरांव के चौपालों , तालाब पोखरों , आम के बगीचों , रात में आंगन में खुले आसमान के नीचे

चारपाई पर सोकर सप्तर्षि मण्डल से मुक्त आकाश चमकते तारों की कथा दादी नानी से सुनते थे । शिक्षक खुले मन से कम समय में अपने शिष्यों को सब कुछ उड़ेल देता था ।

कहा पाएं ईमेल आईडी

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ग्रामीण क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालयों के प्रिंसिपल इस समय फजीहत झेल रहे हैं । जिला विद्यालय निरीक्षक का फरमान है कि सभी शिक्षकों तथा कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों का ईमेल आईडी बनाकर भेजिये । समस्या

यह है कि गांव के बच्चों के

पास स्मार्टफोन हो तब तो ईमेल आईडी बने । वित्तविहीन की कुछ

शिक्षकों के पास भी स्मार्टफोन अभी तक नही है । ऐसे में प्रिंसिपल परेशान हैं । एक प्रधानाचार्य ने कहा कि —

‘आन क लड़िका , मैं लडिकोरी , देख नाथ फजीहत मोरी ‘।

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