अडिग जी मानवाधिकार के एक ससक्त प्रहरी थे_कौशिक
चन्दौली ब्यूरो/पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के हास्य प्रेमियों में लोकतंत्र के सेनानी पांच बार महामहिम राष्ट्रपति पद की प्रबल दावेदार हास्य ठहाका गुरु कवि नरेंद्र नाथ दुबे अडिग एडवोकेट जी मृत्यु की खबर पर लोगो में उदासी देखने को मिली जो लोग भी उनको जानते व मानते थे उन्होंने उदास मन व अश्रुपूरित नैनो से अडिग जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया ।
वरुणा पुल कचहरी स्थित अडिग जी के आवास पर उनके स्वर्गवासी होने की सूचना पर उनको श्रद्धा सुमन अर्पित करने वाले लोगों का तांता लगा रहा । 1984 से अब तक लोकसभा , विधानसभा , स्नातक चुनाव , उपचुनाव में निरंतर चुनाव लड़ने वाले हास्य व्यंग ठहाका ग्रुप कवि नरेंद्र नाथ दुबे अडिग एडवोकेट का अचानक अर्धरात्रि में हृदयाघात होने के कारण हम सब को छोड़ चले गए । उनकी धर्मपत्नी सावित्री दुबे सुपुत्री खुशबू दुबे , अनुज दुबे, ध्रुव दुबे ,रूद्र दुबे सुपुत्र को इस दुखद समय में ढांढस बधवाने वाले लोगों का एक बड़ा समूह उनके आवास पर इकठ्ठा रहा ।
वाराणसी के वाशी होने के बावजूद उनको जानने वालों की एक बड़ी संख्या देश व नगर दीनदयाल में भी हैं जो भी इस दुखद सूचना से अवगत हुआ कह पड़ा अपने हँसी से सभा को हंसाने वाला चला गया । इस पर शोक प्रकट करने वालों में चन्द्र भूषण मिश्र “कौशिक ” पत्रकार संजय शर्मा, कवि सुरेश कुमार “अकेला” पत्रकार तलवार सिंग, महंगी , पत्रकार मनोज कुमार पाठक संतोष ,प्रकाश व तमाम सामाजिक संगठनों के लोग,कविगण ,राजनैतिक लोग व वकील समाज के लोग भी सामिल थे ।
चन्दौली से संजय शर्मा की रिपोर्ट।