ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है
, द ट्रू मीडिया
लखनऊ
(रत्ना )
जानें इसकी कहानी और महत्व
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ महीने का विशेष महत्व है और इस महीने के मंगलवार के दिन को कुछ स्थानों पर बड़े मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है।
हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रत्येक दिन का अपना अलग महत्व है और हर एक दिन किसी न किसी भगवान की पूजा करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि यदि प्रत्येक दिन में ईश्वर की भक्ति की जाती है तो पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
उन्हीं शास्त्रों में मंगलवार के दिन को भगवान हनुमान को समर्पित माना गया है और इस दिन को हनुमान भक्ति लीन होने का अलग महत्व बताया गया है। लेकिन ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले सभी मंगलों को बड़ा मंगल कहा जाता है और इनमें विशेष रूप से राम भक्त हनुमान की पूजा की जाती है। इसका महत्व क्या है और इसकी शुरुआत कहां से हुई थी।
सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी भगवान राम से पहली बार प्रभु श्री राम पहली बार ज्येष्ठ महीने के मंगलवार के दिन ही मिले थे। तभी से यह मान्यता है कि इस महीने के सभी मंगलवार के दिनों को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस ख़ास दिन में मंदिरों में कीर्तन होते हैं, भक्तों के लिए भंडारे होते हैं और जगह-जगह पर प्याऊ लगवाए जाते हैं। दरअसल बड़ा मंगल उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है और ऐसी मान्यता है कि इसकी शुरुआत भी यहीं से हुई थी।
इस साल ज्येष्ठ माह की शुरुआत 17 मई 2022 से हुई है और यह 14 जून 2022 तक समाप्त होगा। इस प्रकार इस महीने में 5 मंगलवार हैं जिन्हें बड़ा मंगल कहा जा रहा है। इस साल के ज्येष्ठ महीने की खास बात यह है कि इसका प्रारंभ और समापन दोनों ही मंगलवार के दिन से होगा, इसलिए ज्येष्ठमहीने का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। पंडितों के अनुसार इस साल बड़े मंगल की तिथियां 17 मई, 24 मई, 31 मई, 7 जून और 14 जून हैं।
ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को बड़ा मंगल क्यों कहा जाता है, जानें इसकी कहानी और महत्व
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ महीने का विशेष महत्व है और इस महीने के मंगलवार के दिन को कुछ स्थानों पर बड़े मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है।
हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रत्येक दिन का अपना अलग महत्व है और हर एक दिन किसी न किसी भगवान की पूजा करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि यदि प्रत्येक दिन में ईश्वर की भक्ति की जाती है तो पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
उन्हीं शास्त्रों में मंगलवार के दिन को भगवान हनुमान को समर्पित माना गया है और इस दिन को हनुमान भक्ति लीन होने का अलग महत्व बताया गया है। लेकिन ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले सभी मंगलों को बड़ा मंगल कहा जाता है और इनमें विशेष रूप से राम भक्त हनुमान की पूजा की जाती है।
ज्येष्ठ महीने में बड़ा मंगल क्यों मनाते हैं
सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी भगवान राम से पहली बार प्रभु श्री राम पहली बार ज्येष्ठ महीने के मंगलवार के दिन ही मिले थे। तभी से यह मान्यता है कि इस महीने के सभी मंगलवार के दिनों को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस ख़ास दिन में मंदिरों में कीर्तन होते हैं, भक्तों के लिए भंडारे होते हैं और जगह-जगह पर प्याऊ लगवाए जाते हैं। दरअसल बड़ा मंगल उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है और ऐसी मान्यता है कि इसकी शुरुआत भी यहीं से हुई थी।
इस साल कब से शुरू हुआ है बड़ा मंगल
इस साल ज्येष्ठ माह की शुरुआत 17 मई 2022 से हुई है और यह 14 जून 2022 तक समाप्त होगा। इस प्रकार इस महीने में 5 मंगलवार हैं जिन्हें बड़ा मंगल कहा जा रहा है। इस साल के ज्येष्ठ महीने की खास बात यह है कि इसका प्रारंभ और समापन दोनों ही मंगलवार के दिन से होगा, इसलिए ज्येष्ठमहीने का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। पंडितों के अनुसार इस साल बड़े मंगल की तिथियां 17 मई, 24 मई, 31 मई, 7 जून और 14 जून हैं।
बड़ा मंगल का इतिहास
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बड़ा मंगल लखनऊ का एक अनोखा त्योहार है क्योंकि यह किसी अन्य राज्य या शहर में नहीं मनाया जाता है। यह पर्व लखनऊ (लखनऊ के बारे में कितना जानते हैं आप)की गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक माना जाता है और कहा जाता है कि इसकी शुरुआत लगभग 400 साल पहले मुगल शासन के दौरान हुई थी|
बड़े मंगलवार को हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म के लोग बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इसकी कहानी के अनुसार एक बार नवाब मोहम्मद अली शाह के पुत्र बहुत बीमार पड़ गए। तब उनकी पत्नी ने अपने पुत्र का इलाज कई जगह करवाया परंतु कोई लाभ नहीं हुआ। इसके पश्चात लोगों ने उनकी पत्नी को अपने पुत्र की कुशलता के लिए लखनऊ के अलीगंज में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में जाने और वहां हनुमान जी की पूजा करते हुए मन्नत मांगने की सलाह दी। नवाब ने वैसा ही किया और उनका बेटा भी पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गया। इसके बाद नवाब और उनकी पत्नी ने हनुमान मंदिर की मरम्मत करवाई। मंदिर की मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को शहर वासियों को पानी और गुड़ का शर्बत बांटा गया। तभी से बड़े मंगल की शुरुआत हुई।
आज श्री राम जी प्रभु द्वारा आयोजित किए गए विशाल भंडारे में आदरणीय महोदय श्री डिप्टी सीएम बृजेश पाठक जी व श्रीमति रीता बहुगुणा जी के आगमन से उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ तथा श्री राम जी की कृपा से यह विशाल भंडारा सफल हुआ।
अतुल गुप्ता ,सिद्धार्थ गुप्ता, अनूप मिश्रा इत्यादि लोग समलित होके भंडारे में सयोग प्रदान किए