Sunday, April 19, 2026

बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड” में लोलार्क षष्ठी

 

बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड” में लोलार्क षष्ठी पर्व का आयोजन

 

आस्था का केंद्र तथा विश्व-विख्यात अघोरपीठ “बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड” में लोलार्क-षष्ठी का पर्व श्रद्धा-भक्ति व हर्सोल्लास के साथ मनाया गया ! रविन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित, “बाबा कीनाराम स्थल” में 02 सितंबर,2022 को कई किलोमीटर लंबी लाइन में लोग, भोर से ही दर्शन पूजन व स्नान के लिए प्रतीक्षा- रत होकर खष्टि के दिन महिलाएं संतान प्राप्ति व रोगमुक्त होने के लिए क्रीकुण्ड में स्नान की। तदुपरांत पुज्य पीठाधिस्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी का दर्शन पूजन किया ! “बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड” के पीठाधीश्वर, अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी, द्वारा ( परिसर स्थित ) समस्त औघड़ संतों की समाधियों की पूजा-अर्चना के बाद, लगातार हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच परिसर गूँजेमान रहा, दर्शन-पूजन और प्रसाद वितरण का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। अगस्त के अंतिम सप्ताह से ही, दुनिया भर से संत-महात्मा, गणमान्य जन और भक्तगण, पुरी- दुनिया में अघोर परंपरा के मुखिया – ईष्ट, अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के दीदार के लिए क्रीकुण्ड परिसर में पहुँचने लगे थे । इससे पहले स्वयंसेवकों द्वारा साफ-सफाई व् श्रमदान भी किया गया । व्यवस्था हेतु बनाये गए विभिन्न विभागों में लगे स्वयंसेवक हर जगह मुस्तैद दिखे ।

 

2 दिन पहले से ही क्रीं-कुण्ड मंदिर परिसर के आस-पास, कई किलोमीटर तक, फल-फूलमाला, झूला-खिलौने-चाट-गोलगप्पे-मिठाई चाय-कॉफी इत्यादि की दुकानों से मेले जैसा माहौल बना रहा। गौरतलब है कि अघोर परम्परा के आधुनिक स्वरुप के जनक- अधिष्ठाता कहे जाने वाले महान संत अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम के जन्म के छठे दिन (छठी) के उपलक्ष्य में, अघोरपीठ पर मनाया जाने वाला ये पर्व हर साल भादो महीने की षष्ठी के दिन मनाया जाता है ! क्रीं-कुण्ड (तालाब) है जहां विशेष तौर पर इस दिन महिलाएं स्नान करती हैं। संतान प्राप्ति के लिए, महिलाएं पहले अस्सी स्थित लोलार्क कुण्ड पर स्नान करती हैं और फिर तुरंत क्रीं-कुण्ड आकर स्नान करती हैं। कहा जाता कि बाबा कीनाराम ने अपने आध्यात्मिक तपोबल से इन दोनों कुण्डों को जागृत किया था। क्रीकुण्ड में संतान प्राप्ति व रोग द्वेष कलेश से मुक्ति पाने के लिए सप्ताह में 2 बार रविवार व मंगलवार कुल मिलाकर 5 बार लगातार स्नान करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, तथा लोलार्क कुण्ड में खष्टि के दिन प्रतिवर्ष 1 बार स्नान करने से सभी दुखों का निवारण होता हैं।

 

किन्ही कारणोंवश बाबा कीनाराम स्थल पर होने वाले सांध्यकालीन घोष्ठि व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन निरस्त कर दिया गया।

 

हालांकि भक्तों को मार्गदर्शन करने के लिए बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी का समाज व राष्ट्र के नाम एक संदेश प्रसारित किया गया। भक्तों के नाम अपने संदेश में बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी ने कहा कि सर्वत्र विश्व बंधुत्व की भावना की जरूरत है, आपसी भाईचारे को बरकरार रखने के लिये हमें आपस मे प्रेम की भावना विकसित करनी होगी। बशुधैव कुटुम्बकम की भावना से ही संसार में शांति का वातावरण पैदा होगा, और जन समुदाय सुख शान्ति की कामना करने में संक्षम होगा।

 

इस पर्व पर अनुमानित भारी भीड़ के चलते प्रशासन ने पहले से ही चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखा था । स्वयं सेवकों और प्रशासन के तालमेल से पूरा कार्यक्रम व्यवस्थित व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

 

 

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